Mangal Gochar: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एक समय जब भगवान शिव के पसीने की बूंदें पृथ्वी पर गिरीं, तो उनसे मंगल पैदा हुए थे और तब पृथ्वी ने उनका पालन-पोषण किया. इसलिए उन्हें ‘धरती पुत्र’, ‘भूमिपुत्र’ या ‘भौम’ कहा जाता है. ज्योतिष में मंगल गोचर का असर साहस, ऊर्जा, आक्रामकता और जमीन से जुड़े मामलों पर पड़ता है. मंगल को ग्रहों का सेनापति माना गया है, इसलिए इसका गोचर व्यक्ति के जीवन, करियर, स्वास्थ्य और क्रोध पर नियंत्रण जैसे मामलों में बदलाव दिखाता है.
द्रिक पंचांग के अनुसार, 23 फरवरी को मंगल मकर से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे. कुंभ राशि में मंगल का गोचर विशेष ध्यान देने वाला होता है, क्योंकि कुंभ राशि शनि की है और शनि, मंगल का मित्र नहीं माना जाता है. जब कुंभ राशि में इन दोनों ग्रहों का संयोग बनता है, तो अक्सर तनाव, झगड़े और अचानक बदलाव आते हैं. इसका असर मानसिक बेचैनी, क्रोध, काम में अनिश्चितता और परिवार या ऑफिस में मतभेद के रूप में दिखाई देता है. साथ ही यह खर्च बढ़ने और बचत में कमी का भी संकेत देता है. आइए जानते हैं, कौन-सी 3 राशियां इससे सबसे अधिक प्रभावित होंगी?
मेष राशि
23 फरवरी से जब मंगल कुंभ राशि में गोचर करेंगे, मेष राशि वालों के लिए समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहेगा. कामकाज में अचानक बदलाव और जिम्मेदारियों का बढ़ना संभव है. इस दौरान आप जल्दी गुस्से में आ सकते हैं और छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा होने की संभावना बढ़ जाती है. स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है, खासकर सिर और रक्तचाप से जुड़ी समस्याएं. आर्थिक दृष्टि से अनियोजित खर्चों की वजह से बचत कम हो सकती है. परिवार और दोस्तों के साथ मतभेद हो सकते हैं.
यह भी पढ़ें: Kali Yuga Timeline: कब और कैसे शुरू हुआ कलियुग, अंत होने में कितना समय है शेष, जानें विस्तार से
करें ये उपाय: मंगलवार के दिन शिवलिंग पर पके ठंडे चावल और कुमकुम अर्पित करें, यह मंगल की उग्रता शांत करने का एक सबसे शक्तिशाली उपाय माना गया है.
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए भी यह समय थोड़ा अस्थिर रहेगा. कार्यक्षेत्र में नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं. सहकर्मियों या वरिष्ठों के साथ मनमुटाव होने की संभावना है. निवेश और खर्चों में सतर्क रहना जरूरी है, अनावश्यक खर्च आर्थिक स्थिति को कमजोर कर सकते हैं. मानसिक रूप से बेचैनी और तनाव बढ़ सकता है. स्वास्थ्य की दृष्टि से पेट और पाचन संबंधी समस्याएं सताने की संभावना है.
करें ये उपाय: मिट्टी के तंदूर या चूल्हे में बनी गुड़ वाली मीठी रोटियां कुत्ते को खिलाएं, इससे कुंडली के ऋणहर्ता मंगल सक्रिय होकर जमीन-जायदाद की बाधाएं दूर करते हैं.
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय कुछ परेशानी भरा रहेगा. परिवार और घर के मामलों में तनाव बढ़ सकता है. घर के बड़े बुजुर्गों या बच्चों के साथ विवाद होने की संभावना रहती है. काम में अनिश्चितता और अचानक बदलाव आर्थिक दबाव पैदा कर सकते हैं. गुस्से पर नियंत्रण रखना इस समय बहुत जरूरी है, नहीं तो छोटे झगड़े भी बड़े तनाव का कारण बन सकते हैं. स्वास्थ्य की दृष्टि से पेट और हृदय पर ध्यान दें.
करें ये उपाय: तांबे के पात्र में थोड़ा शहद और गुड़ डालकर बहते जल में प्रवाहित करें, यह जीवन में आने वाली अड़चनों को जड़ से मिटाता है.
यह भी पढ़ें: Surya Grahan 2026: कुंभ राशि का सूर्य ग्रहण मचाएगा हलचल, बदल देगा इन राशियों का भाग्य; जानें अपना भविष्यफल
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Mangal Gochar: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एक समय जब भगवान शिव के पसीने की बूंदें पृथ्वी पर गिरीं, तो उनसे मंगल पैदा हुए थे और तब पृथ्वी ने उनका पालन-पोषण किया. इसलिए उन्हें ‘धरती पुत्र’, ‘भूमिपुत्र’ या ‘भौम’ कहा जाता है. ज्योतिष में मंगल गोचर का असर साहस, ऊर्जा, आक्रामकता और जमीन से जुड़े मामलों पर पड़ता है. मंगल को ग्रहों का सेनापति माना गया है, इसलिए इसका गोचर व्यक्ति के जीवन, करियर, स्वास्थ्य और क्रोध पर नियंत्रण जैसे मामलों में बदलाव दिखाता है.
द्रिक पंचांग के अनुसार, 23 फरवरी को मंगल मकर से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे. कुंभ राशि में मंगल का गोचर विशेष ध्यान देने वाला होता है, क्योंकि कुंभ राशि शनि की है और शनि, मंगल का मित्र नहीं माना जाता है. जब कुंभ राशि में इन दोनों ग्रहों का संयोग बनता है, तो अक्सर तनाव, झगड़े और अचानक बदलाव आते हैं. इसका असर मानसिक बेचैनी, क्रोध, काम में अनिश्चितता और परिवार या ऑफिस में मतभेद के रूप में दिखाई देता है. साथ ही यह खर्च बढ़ने और बचत में कमी का भी संकेत देता है. आइए जानते हैं, कौन-सी 3 राशियां इससे सबसे अधिक प्रभावित होंगी?
मेष राशि
23 फरवरी से जब मंगल कुंभ राशि में गोचर करेंगे, मेष राशि वालों के लिए समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहेगा. कामकाज में अचानक बदलाव और जिम्मेदारियों का बढ़ना संभव है. इस दौरान आप जल्दी गुस्से में आ सकते हैं और छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा होने की संभावना बढ़ जाती है. स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है, खासकर सिर और रक्तचाप से जुड़ी समस्याएं. आर्थिक दृष्टि से अनियोजित खर्चों की वजह से बचत कम हो सकती है. परिवार और दोस्तों के साथ मतभेद हो सकते हैं.
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वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए भी यह समय थोड़ा अस्थिर रहेगा. कार्यक्षेत्र में नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं. सहकर्मियों या वरिष्ठों के साथ मनमुटाव होने की संभावना है. निवेश और खर्चों में सतर्क रहना जरूरी है, अनावश्यक खर्च आर्थिक स्थिति को कमजोर कर सकते हैं. मानसिक रूप से बेचैनी और तनाव बढ़ सकता है. स्वास्थ्य की दृष्टि से पेट और पाचन संबंधी समस्याएं सताने की संभावना है.
करें ये उपाय: मिट्टी के तंदूर या चूल्हे में बनी गुड़ वाली मीठी रोटियां कुत्ते को खिलाएं, इससे कुंडली के ऋणहर्ता मंगल सक्रिय होकर जमीन-जायदाद की बाधाएं दूर करते हैं.
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय कुछ परेशानी भरा रहेगा. परिवार और घर के मामलों में तनाव बढ़ सकता है. घर के बड़े बुजुर्गों या बच्चों के साथ विवाद होने की संभावना रहती है. काम में अनिश्चितता और अचानक बदलाव आर्थिक दबाव पैदा कर सकते हैं. गुस्से पर नियंत्रण रखना इस समय बहुत जरूरी है, नहीं तो छोटे झगड़े भी बड़े तनाव का कारण बन सकते हैं. स्वास्थ्य की दृष्टि से पेट और हृदय पर ध्यान दें.
करें ये उपाय: तांबे के पात्र में थोड़ा शहद और गुड़ डालकर बहते जल में प्रवाहित करें, यह जीवन में आने वाली अड़चनों को जड़ से मिटाता है.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.