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ज्योतिष

Budh Vakri: कुंभ राशि में बुध हुए वक्री, जानें करियर, कारोबार, लव लाइफ समेत किस सेक्टर पर होगा सबसे अधिक असर

Budh Vakri: 26 फरवरी 2026 से बुध ग्रह कुंभ राशि में 23 दिन के लिए वक्री हो गए हैं. क्या इसका सबसे गहरा असर करियर और कारोबार पर पड़ेगा, या रिश्ते और शेयर बाजार ज्यादा प्रभावित होंगे या निर्णय, संवाद और निवेश में बढ़ सकती है उलझन? जानें इस वक्री काल में किस सेक्टर पड़ेगा सबसे अधिक असर और किसे रहना होगा सबसे ज्यादा अलर्ट?

Author Written By: Shyamnandan Updated: Feb 26, 2026 12:26
Budh-Vakri

Budh Vakri: द्रिक पंचांग के अनुसार, 26 फरवरी 2026 को दोपहर 12:17 बजे से कुंभ राशि में बुध अपनी चाल में वक्री हो चुके हैं. वक्री ग्रहों की स्थिति का ज्योतिष में व्यापार, करियर, वित्त, रिश्ते और स्वास्थ्य पर विशेष असर माना गया है. विशेषकर बुध वक्री की अवधि में सोच, निर्णय और बातचीत पर प्रभाव पड़ता है. बुध की यह वक्री स्थिति 21 मार्च, 2026 को समाप्त होगी यानी बुध कुल 23 दिन तक उल्टी चाल चलेंगे. आइए जानते हैं, बुध के वक्री होने का किस सेक्टर पर सबसे अधिक असर होगा?

करियर पर होगा क्या असर?

बुध बुद्धि, सोच और निर्णय का प्रतिनिधित्व करता है. वक्री होने पर निर्णय लेने में देरी या भ्रम हो सकता है. नया प्रोजेक्ट शुरू करने में देर हो सकती है. रिपोर्ट्स या दस्तावेजों में त्रुटि की गुंजाइश बढ़ जाती है. वरिष्ठों यानी सीनियर लोगों से से संवाद में अस्पष्टता हो सकती है. इसलिए इस अवधि में किसी भी बड़ा कदम सोच-समझकर लें.

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व्यापार और कारोबार पर प्रभाव

बुध वक्री का असर व्यापार में रणनीति और संचार पर दिख सकता है. बातचीत में मिस-कन्फ्यूजन (mis confusion) हो सकती है. समझौते या डील्स की बातचीत में विलंब संभव है. वहीं, मार्केट डेट्स और डेडलाइन्स पर ध्यान दें क्योंकि भूल होने की सम्भावना रहती है. ध्यानपूर्वक दस्तावेज चेक करने और स्पष्टता से संवाद करने पर फोकस करें.

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वित्त और शेयर मार्केट पर असर

बुध का शेयर मार्केट में जुड़ना सोच, लीजिंग और निर्णय से है. वक्री अवस्था में निवेश निर्णय स्थगित करना फायदेमंद हो सकता है. जल्दबाजी में शेयर खरीद-बिक्री जोखिम भरा हो सकता है. बजट और व्यय की योजना को दोबारा जांचना बेहतर है. इस समय धैर्य और विवेक से काम लें और जल्दबाजी से बचें.

लव लाइफ और रिश्ते

बुध का प्रभाव बातचीत और समझ पर होता है. वक्री होने पर रिश्तों में गलतफहमी हो सकती है. जरूरी बातें स्पष्ट रूप से कहने की जरुरत बढ़ जाती है. छोटी-छोटी बातों पर बहस की संभावना रहती है. समझदारी से सुनें और शांति से जवाब दें, इससे तालमेल बेहतर रहेगा.

हेल्थ और शारीरिक प्रभाव

बुध वक्री की अवधि में मानसिक तनाव बढ़ सकता है जो शरीर पर असर डालता है. सिरदर्द और चित्त प्रसन्न न रहने जैसे लक्षण दिख सकते हैं. आंखों या गले से जुडी समस्या थोड़ी असुविधा दे सकती है. आराम, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार रखें. योग या ध्यान से मन शांत रहेगा.

वक्री काल में क्या करें

बुध का वक्री होना सहज से अलग अनुभव होता है. यह स्थिति असमंजस या देरी जैसी चुनौतिया ला सकती है. मगर थोड़ी सावधानी, स्पष्ट बातचीत और सोच-समझकर कदम उठाने से आप इस समय का सदुपयोग कर सकते हैं. जब बुध सीधा चालू होगा, तब निर्णयों पर और भी स्पष्टता आएगी. इस अवधि में-

महत्वपूर्ण फैसले स्थगित रखें.
संवाद में स्पष्टता रखें.
दस्तावेज और डेटा दोबारा चेक करें.
मानसिक शांति पर ध्यान दें.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Feb 26, 2026 12:26 PM

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