Holika Dahan: होलिका दहन के अगले दिन बची राख को शुभ माना जाता है. धार्मिक विश्वास है कि यह भस्म वातावरण को शुद्ध करती है. मान्यता है कि यह भस्म नकारात्मकता को दूर कर घर में सुख, समृद्धि और सफलता का मार्ग खोलती है. धन वृद्धि से लेकर नजर दोष और ग्रह शांति तक, इसके कई पारंपरिक उपाय बताए जाते हैं. आस्था से जुड़े ये टोटके आज भी बड़ी संख्या में लोग अपनाते हैं. आइए जानते हैं, जानते हैं इसके प्रमुख और चर्चित उपाय.
धन और बरकत के उपाय
कई परिवार राख को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखते हैं. कहा जाता है कि इससे अनावश्यक खर्च कम होते हैं. एक अन्य मान्यता के अनुसार, राख में गुड़ और काले तिल मिलाकर “ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप किया जाता है. फिर इसे धन स्थान के पास रखा जाता है. इसे आर्थिक बाधाएं दूर करने वाला उपाय माना जाता है. कुछ व्यापारी दुकान या ऑफिस के मुख्य द्वार पर राख की छोटी पोटली लटकाते हैं. विश्वास है कि रुका व्यापार दोबारा गति पकड़ता है.
सफलता और करियर में लाभ
जरूरी काम या इंटरव्यू से पहले माथे पर राख का तिलक लगाया जाता है. इसे आत्मविश्वास बढ़ाने वाला प्रतीक माना जाता है. त्रिपुंड के रूप में भस्म लगाने की परंपरा भी प्रचलित है. मान्यता है कि इससे मानसिक शांति मिलती है और बाधाएं कम होती हैं.
नजर दोष और नकारात्मकता से बचाव
लोक परंपरा के अनुसार, राख में नमक और राई मिलाकर नजर उतारी जाती है. मिश्रण को सात या नौ बार वारकर बाहर फेंकने या जला देने की प्रथा है. घर के चार कोनों और मुख्य द्वार पर राख छिड़कना भी शुभ माना जाता है. इसे नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा का उपाय कहा जाता है.
वास्तु और ग्रह शांति
कुछ लोग घर के उत्तर-पूर्व दिशा में राख रखते हैं. इसे वास्तु दोष कम करने वाला उपाय माना जाता है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, राख को जल में मिलाकर शिवलिंग पर अभिषेक करने से ग्रह दोष शांत होते हैं.
सेहत और कर्ज मुक्ति से जुड़ी मान्यताएं
बार-बार बीमारी होने पर राख, नमक और राई का मिश्रण घर में गुप्त स्थान पर रखने की मान्यता है.
कर्ज मुक्ति के लिए राख को चौराहे पर तीन गोमती चक्र के साथ दबाने का प्रचलन भी कुछ क्षेत्रों में मिलता है.
ताबीज में राख भरकर पहनना भी नकारात्मक भय दूर करने से जोड़ा जाता है.
इन सभी उपायों को लोग धार्मिक आस्था और पारंपरिक विश्वास के आधार पर अपनाते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.