यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की रूस के हमलों से तंग आ चुके हैं. वो युद्ध रुकवाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं. इसी कड़ी में उन्होंने मंगलवार को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ एक अहम मीटिंग की. कोएलिशन ऑफ द विलिंग के तहत यूक्रेन और अमेरिका की इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें सबसे ज्यादा अहम था रूस-यूक्रेन युद्ध. दोनों देशों के बीच युद्ध को खत्म करने के कूटनीतिक प्रयासों पर चर्चा हुई. इस दौरान अमेरिका ने जेलेंस्की से ये वादा किया है कि युद्ध विराम होते ही सुरक्षा की गांटी उसकी है. यूक्रेन और अमेरिका के बीच युद्ध विराम के बाद देश के पुनर्निमाण पर भी चर्चा हुई.
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जेलेंस्की ने अमेरिका को कहा शुक्रिया
आपको बता दें कि पेरिस में हुई इस बैठक में 25 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया. इस पूरी बैठक और बातचीत का मकसद रूस को सीजफायर के लिए राजी करना और यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिकी समर्थन और सहयोग के लिए शुक्रिया अदा किया और इस मीटिंग को युद्ध विराम की दिशा में एक अहम कदम बताया. जेलेंस्की ने इस बात पर भी जोर दिया कि 7 जनवरी को पेरिस में दोनों देशों की टीमें फिर से सुरक्षा गारंटी और युद्ध रोकने के लिए बुनियादी ढांचे पर काम जारी रखेंगी.
बैठक में कौन-कौन मौजूद?
बैठक में अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ समेत जैरेड कुश्नर, जनरल एलेक्स ग्रिंकेविच, एम्बेसडर चार्ल्स कुश्नर और व्हाइट हाउस सलाहकार जोश ग्रुएनबाम भी मौजूद थे. इस दौरान विटकोफ ने कहा कि बैठक में यूरोपीय देशों और यूक्रेन के साथ कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई. उन्होंने कहा कि अमेरिका यूक्रेन में शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. यूरोपीय कमीशन ने भी दोनों देशों की इस साझेदारी का स्वागत किया. यूक्रेन और अमेरिका के बीच हुई बैठक के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुएल मैक्रों भी मौजूद रहे.
ये भी पढ़ें: ‘यूक्रेन ने नहीं किया ड्रोन अटैक…’ पुतिन के दावों की निकल गई हवा, अमेरिका को नहीं मिले हमले के सबूत
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की रूस के हमलों से तंग आ चुके हैं. वो युद्ध रुकवाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं. इसी कड़ी में उन्होंने मंगलवार को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ एक अहम मीटिंग की. कोएलिशन ऑफ द विलिंग के तहत यूक्रेन और अमेरिका की इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें सबसे ज्यादा अहम था रूस-यूक्रेन युद्ध. दोनों देशों के बीच युद्ध को खत्म करने के कूटनीतिक प्रयासों पर चर्चा हुई. इस दौरान अमेरिका ने जेलेंस्की से ये वादा किया है कि युद्ध विराम होते ही सुरक्षा की गांटी उसकी है. यूक्रेन और अमेरिका के बीच युद्ध विराम के बाद देश के पुनर्निमाण पर भी चर्चा हुई.
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जेलेंस्की ने अमेरिका को कहा शुक्रिया
आपको बता दें कि पेरिस में हुई इस बैठक में 25 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया. इस पूरी बैठक और बातचीत का मकसद रूस को सीजफायर के लिए राजी करना और यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिकी समर्थन और सहयोग के लिए शुक्रिया अदा किया और इस मीटिंग को युद्ध विराम की दिशा में एक अहम कदम बताया. जेलेंस्की ने इस बात पर भी जोर दिया कि 7 जनवरी को पेरिस में दोनों देशों की टीमें फिर से सुरक्षा गारंटी और युद्ध रोकने के लिए बुनियादी ढांचे पर काम जारी रखेंगी.
बैठक में कौन-कौन मौजूद?
बैठक में अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ समेत जैरेड कुश्नर, जनरल एलेक्स ग्रिंकेविच, एम्बेसडर चार्ल्स कुश्नर और व्हाइट हाउस सलाहकार जोश ग्रुएनबाम भी मौजूद थे. इस दौरान विटकोफ ने कहा कि बैठक में यूरोपीय देशों और यूक्रेन के साथ कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई. उन्होंने कहा कि अमेरिका यूक्रेन में शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. यूरोपीय कमीशन ने भी दोनों देशों की इस साझेदारी का स्वागत किया. यूक्रेन और अमेरिका के बीच हुई बैठक के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुएल मैक्रों भी मौजूद रहे.
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