इतने स्पाइसी चिप्स कि खाने के बाद अस्पताल पहुंच गए 14 छात्र... चाहते थे मजा, मिल गई सजा

Tokyo High School Food Poisoning Case: जापान में फूड पॉइजनिंग का मामला सामने आया है। जिसके कारण 14 विद्यार्थियों को अस्पताल में दाखिल करवाना पड़ा है। राजधानी टोक्यो के हाई स्कूल के बच्चों की तबियत बिगड़ गई। एक बच्चे की हालत बेहद खराब बताई जा रही है। उसे बेहोशी की हालत में दाखिल करवाया गया है।

Tokyo high school food poisoning case

Tokyo high school food poisoning case

Japan News: जापान की राजधानी टोक्यो में एक हाई स्कूल के बच्चों की हालत फूड पॉइजनिंग के कारण बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि 14 बच्चों को अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। एक बच्चे की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। जिसे बेहोशी की हालत में लाया गया। बाकी बच्चे होश में थे। रिपोर्ट के अनुसार बच्चों ने आलू के सुपर स्पाइसी चिप्स खाए थे। टोक्यो के स्कूल में आधी छुट्टी का समय था। करीब 30 बच्चे क्रिस्प्स साझा कर रहे थे। इसी बीच कुछ बच्चों ने उल्टी और चक्कर आने की शिकायत की। कुछ बच्चों के मुंह में तेज दर्द शुरू हो गया। स्कूल प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए और बच्चों को आनन-फानन में अस्पताल लाना पड़ा। स्कूल प्रबंधन के अनुसार एक बच्चा घर से अपने सहपाठियों के लिए क्रिस्प्स लेकर आया था।

सहपाठियों ने बच्चे से की थी चिप्स की डिमांड

बताया जा रहा है कि बच्चा जो चिप्स लेकर आया था, वह ‘आर 18+ करी’ ब्रांड है। जिसे वह पहले भी अपने साथियों के खाने के लिए लाता रहा है। साथियों ने उससे फिर यही चिप्स लाने की डिमांड एक दिन पहले की थी। वहीं, सामने आया है कि ब्रांड निर्माता ने 18 साल से कम उम्र के लोगों के लिए अपने चिप्स का सेवन नहीं करने की सलाह दे रखी है। यह सब ब्रांड की वेबसाइट पर उल्लेखित किया गया है। चेतावनी दी गई है कि ये आलू के चिप्स इतने स्पाइसी हैं कि कम उम्र के लोगों के मुंह में दर्द की समस्या हो सकती है। फर्म की वेबसाइट पर ये भी उल्लेख है कि इन चिप्स को बनाने में घोस्ट पेपर के नाम से मशहूर तीखी मिर्च का प्रयोग किया गया है।

बता दें कि घोस्ट पेपर (भूत जोलोकिया उपनाम वाली मिर्च) चार साल तक तीखी मिर्च के तौर पर गिनिज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल रह चुकी है। 2007 से 2011 तक के टर्म में यह सबसे तीखी मिर्च रही है। वेबसाइट के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर, कमजोर पाचन वाले लोगों को इसके सेवन से मना किया गया है। अभी स्कूल प्रबंधन और प्रशासन की बच्चों को दाखिल किए जाने के संदर्भ में टिप्पणी नहीं आई है। जापान में ऐसे मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। पिछली साल मैसाचुसेट्स में एक किशोर की मौत ऐसे हो चुकी है। वहीं, डेनमार्क में हाल ही में कोरियाई रेमन नूडल्स को खामियां मिलने के बाद वापस मंगवाया गया था।

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