थाईलैंड में बड़ा राजनीतिक बवाल शुरू हो गया है। एक तरफ थाईलैंड और कंबोडिया के बीच युद्ध छिड़ा हुआ है, इसी बीच थाईलैंड के पीएम अनुतिन चर्नविराकुल ने संसद भंग कर दी है। इससे देश की राजनीति पूरी तरह अस्थिर हो गई है। पीएम अनुतिन चर्नविराकुल ने कहा कि वे शक्ति को जनता को लौटा रहे हैं और जल्द चुनाव का रास्ता साफ कर रहे हैं।
राजा Maha Vajiralongkorn ने आदेश को मंजूरी दे दी है जिसमें 45-60 दिनों के अंदर मतदान होगा। यह राजनीतिक उथल-पुथल थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर 5वें दिन लगातार जारी भयंकर झड़पों के बीच हो रही है जिसमें कम से कम 20 लोग मारे गए और लगभग 200 घायल हुए हैं।
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बता दें कि शुक्रवार को एक शाही फरमान प्रकाशित किया गया। इसमें प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने घातक सीमा विवाद सहित अन्य चुनौतियों का उल्लेख किया। बताया कि उनकी अल्पसंख्यक सरकार को 3 महीने पहले सत्ता संभालने के बाद से निपटने में संघर्ष करना पड़ा है। पीएम ने कहा कि इसका उचित समाधान संसद को भंग करना है। कहा कि जो कि राजनीतिक शक्ति को जनता को वापस सौंपने का एक तरीका है।
अनुतिन चर्नविराकुल के बड़े बिजनेसमैन भी हैं। वह साल 2023 से थाईलैंड के तीसरे प्रधानमंत्री हैं। सत्ता संभालने के बाद अनुतिन ने कहा था कि वह जनवरी के अंत तक संसद भंग कर देंगे।
पिछले महीने दक्षिणी थाईलैंड में आई भीषण बाढ़ से निपटने के तरीके को लेकर अनुतिन और उनकी भूमजैथाई पार्टी की कड़ी आलोचना हुई थी, जिसमें कम से कम 176 लोगों की मौत हो गई थी। सदन का विघटन कंबोडिया के साथ नए सिरे से शुरू हुई लड़ाई के दौरान हुआ है, जिसमें कम से कम 20 लोग मारे गए हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं।
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