सिडनी के बॉन्डी बीच पर यहूदी समुदाय का हनुक्का कार्यक्रम चल रहा था. कार्यक्रम में बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं सभी शामिल थे. तभी वहां दो हथियारबंद लोग पहुंचते हैं. उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया. इस हमले की वजह से 16 लोगों की जान चली गई. दो दर्जन से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज किया जा रहा है. इस बीच सोशल मीडिया पर अहमद अल अहमद नाम का शख्स छाया हुआ है. इस शख्स को ‘हीरो’ बताया जा रहा है. अहमद वही शख्स है, जिसने निहत्थे होते हुए भी एक बंदूकधारी को दबोच लिया, इसकी वजह से कई लोगों की जान बच गई.
इसका एक 15 सेकंड का वीडियो सामने आया है. वीडियो में देखा जा सकता है, कि अहमद पहले वहां खड़ी कारों के पीछे छिपा हुआ है. इसके बाद वह दौड़कर जाता है और पीछे से बंदूकधारी को दबोच लेता है. पहले वह हमलावर की गर्दन पकड़ता है, उससे राइफल छीनता है और उसे जमीन पर गिरा देता है. इसके बाद हमलावर पर उसकी ही राइफल तान देता है.
यह भी पढ़ें : 2 शूटर, 20 मिनट, 16 मौतें… कौन है नवीद अकरम? जिसने सिडनी में किया कत्लेआम, PAK से निकला कनेक्शन
अहमद ऑस्ट्रेलिया में फल बेचते हैं. अहमद की उसी रात कोई सर्जरी होनी थी. उन्हें हमले के दौरान दो गोली लगी हैं. ‘7न्यूज’ से बात करते हुए मुस्तफा नाम के एक युवक ने दावा किया कि वह अहमद का चचेरा भाई है. उसने बताया कि वह अभी अस्पताल में हैं और अंदर की हमें कोई जानकारी नहीं है.
After Brown University, massive shooting was seen during the festival of Hanukkah on the Jewish people at Bondi Beach in Sydney Australia
— Dennis jacob (@12431djm) December 14, 2025
Seen here is a brave man single handedly taking down on the shooter
Incredible pic.twitter.com/DfoFzVKYjv
अहमद को बंदूक चलाने का कोई तजुर्बा नहीं है. जब वह उस इलाके से गुजर रहा था तो देखा कि दो बंदूकधारी लोगों पर गोलियां बरसा रहे हैं. फिर वह बेगुनाहों को मरते हुए देख नहीं पाया और खुद उन्हें बचाने के लिए उतर गया और आतंकी को बिना किसी हथियार के ही दबोच लिया. इसके बाद उनकी बहादुरी की इंटरनेट पर खूब तारीफ हो रही है. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने भी उन्हें एक “हीरो” कहा है.
यह भी पढ़ें : Sydney: आतंकवाद के खिलाफ होना होगा एकजुट, बॉन्डी बीच हमले पर क्या बोले PM मोदी समेत वैश्विक नेता?
हमलावर थे बाप-बेटे
पुलिस ने बताया कि दोनों बंदूकधारी बाप-बेटे थे. पुलिस ने साथ ही बताया कि 50 वर्षीय पिता वहीं मारा गया. जबकि उसका 24 वर्षीय बेटा अस्पताल में गंभीर स्थिति में है. पिता का नाम साजिद अकरम और बेटे का नाम नावेद अकरम है. न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने कहा कि यह हमला तब हुआ जब सैकड़ों लोग हनुक्का त्योहार का पहला दिन मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे. पुलिस ने इसे आतंकवादी घटना घोषित कर दिया है. इजराइल के विदेश मंत्रालय के अनुसार, पीड़ितों में एक इजराइली नागरिक भी शामिल है.
क्या बोले ऑस्ट्रेलियाई PM
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने हमले के तुरंत बाद राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की तत्काल बैठक बुलाई. पीएम अल्बनीज ने कहा, ‘हनुक्का त्योहार के सेलिब्रेशन के दौरान बॉन्डी में आतंकी हमला हुआ है. यह हमला यहूदी ऑस्ट्रेलियाइयों को निशाना बनाते हुए किया गया. यह एक खुशी का दिन होना चाहिए था, आस्था का उत्सव होना चाहिए था, लेकिन आतंकवाद ने हमारे देश के दिल पर वार किया है. ऑस्ट्रेलियाई यहूदियों पर हमला हर ऑस्ट्रेलियाई पर हमला है. हमारे राष्ट्र में इस नफरत, हिंसा और आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है. हम इसे जड़ से खत्म कर देंगे.’
यह भी पढ़ें : Australia Attack: बॉन्डी बीच के हमलावर की पहली तस्वीर आई सामने, साथ लाया था गोलियों का जखीरा
इजराइली PM का निशाना
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस हमले के लिए ऑस्ट्रेलिया सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती यहूदी विरोधी भावना में वजह यह हमला हुआ है. नेतन्याहू ने कहा, ‘तीन महीने पहले मैंने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था कि आपकी नीति यहूदी विरोधी भावना की आग में घी डाल रही है.’ साथ ही उन्होंने कहा कि “यहूदी विरोधी भावना एक कैंसर है जो तब फैलता है जब नेता चुप रहते हैं और कार्रवाई नहीं करते हैं.’










