920 करोड़ का खजाना समुद्र में मिला, नौस‍ि‍ख‍िए के साथ म‍िलकर ढूंढा! मगर नहीं म‍िला 160 क‍िलो सोना

SS Georgiana Cargo Ship Drowning Memory: कार्गाे शिप समुद्र की गहराइयों में डूब गया था, जिसका मलबा तलाशा तो 920 करोड़ का खजाना मिला, लेकिन जिस 160 किलो सोने की तलाश थी, वह नहीं मिला। कहा जाता है कि वह आज भी शिप के मलबे में ही है, लेकिन कोई तलाश नहीं पाया। शिप का मलबा समुद्र में 14 हजार फीट की गहराई में दबा है।

SS Georgiana Cargo Ship Drowning Memory

SS Georgiana Cargo Ship Drowning Memory

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SS Georgiana Cargo Ship Drowning Memory: 62 फीट लंबा कार्गो शिप अपनी पहली यात्रा पर निकला था। अरबों-करोड़ों के खजाने से लदा जहाज स्कॉटलैंड से रवाना हुआ था, लेकिन एक गलती भारी पड़ गई और शिप समुद्र की गहराइयों में समा गया। अमेरिका में गृहयुद्ध चल रहा था और जॉर्जियाना में अपनी समुद्री सीमाओं पर प्रतिबंध लगा दिया था।

अमेरिका के किसी जहाज को आने-जाने की अनुमति नहीं थी, लेकिन गलती से लोहे की पतवारों वाला प्रोपेलर स्टीमर जॉर्जियाना प्रतिबंधित सीमा में घुस गया। दक्षिण कैरोलिना के चार्ल्सटन में नाके पर तैनात यूनियन नेवी जहाजों ने शिप को ट्रेस कर लिया। उनसे बचने की कोशिश में शिप हादसे का शिकार हो गया और समुद्र में डूब गया। शिप का मलबा 1965 में खोजा गया था। आज भी शिप का मलबा चार्ल्सटन में बंदरगाह के पास गहराई में है।

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शिप के मलबे में मिले बक्सों में भरा था खजाना

हादसा 161 साल पहले 19 मार्च 1863 को हुआ था। पुरातत्ववेत्ता डॉ. ई. ली स्पेंस ने शिप का मलबा खोजा था। मलबे के ऊपर स्टीमर मैरी बोवर्स का मलबा भी है, जो चाल्सर्टन में ही जॉर्जियाना के मलबे से टकराकर हादसे का शिकार हुआ था। वहीं मलबा तलाशने के दौरान स्पेंस को जॉर्जियाना शिप के कार्गो हैच के पास पिन और बटन से बंद होने वाले बक्से मिले।

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इन बक्सों में 111 मिलियन डॉलर से ज्यादा कीमत की बेशकीमती चीजें, युद्ध सामग्री और दवाइयां बरामद हुईं, लेकिन उन्हें 350 पाउंड (160 किलोग्राम) सोना कभी नहीं मिला, जिसके बारे में माना जाता है कि वह मलबे में ही है, लेकिन उसे आज तक कोई तलाश नहीं पाया। जॉर्जियाना नेवी के लिए बनाया गया सबसे शक्तिशाली कॉन्फेडरेट क्रूजर था, जिसे बिजनेस करने के लिए 2 मिलियन डॉलर से ज्यादा पैसा देकर नेवी से खरीदा गया था।

 

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लाइब्रेरी में मिली किताब में था जॉर्जियाना का जिक्र

स्पेंस बताते हैं कि वे गोताखोर बनना चाहते थे। समुद्र के नीचे गहराइयों में डूबे इतिहास को खोजने वाला पुरातत्वविद् बनना चाहता हूं। मैं जहाज़ों के मलबे ढूंढना चाहता था। गोताखोर बनने की कोशिशों के दौरान जानकारियां हासिल करने के लिए जब स्पेंस किताबें तलाश रहे थे तो एक मित्र ने अमेरिका के एक स्कूल की लाइब्रेरी में जमा सरकारी रिकॉर्ड देखना चाहिए। लाइब्रेरियन ने मुझे 1800 के दशक के अंत में सरकार द्वारा प्रकाशित किताबों का एक सेट दिखाया।

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किताबों में अमेरिका के गृह युद्ध, संघ और संघीय सेनाओं का आधिकारिक रिकॉर्ड था। एक किताब अमेरिका की नौसेना के रिकॉर्ड पर थी। किताबों में 160,000 से अधिक पेज, रेखाचित्र, मानचित्र और तस्वीरें थीं। इन किताओं में समुद्र में डूबे जहाजों की जानकारियां मिली। जॉर्जियाना के साथ हुए हादसे ने मुझे प्रभावित किया और इस तरह मैंने शिप का मलबा तलाशने का फैसला लिया।

 

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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