Parmod chaudhary
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South Korea First Lady Controversy: साउथ कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक येओल ने मंगलवार रात को देश में मार्शल लॉ लगाने का चौंकाने वाला फैसला लिया था। जिसके बाद देश में अराजकता की स्थिति पैदा हो गई। दबाव बढ़ने पर कुछ घंटों बाद ही उन्होंने अपना फैसला बदल डाला। 1980 के बाद साउथ कोरिया में पहली बार मार्शल लॉ लागू हुआ है। जिसके पीछे ‘देश विरोधी ताकतों’ और ‘उत्तर कोरिया से खतरे’ का हवाला दिया गया था।
प्रेसिडेंट यून के फैसले के बाद दक्षिण कोरिया की संसद के भीतर हेलमेट पहने सैनिक देखे गए। संसद की छत पर हेलीकॉप्टर से कमांडो उतरे। इसके बाद नेशनल असेंबली हॉल के बाहर हजारों लोग एकत्रित हो गए। विपक्ष ने सरकार पर दबाव बनाया। सांसदों ने फैसले को पलटने के लिए मतदान की घोषणा भी की। आखिरकार राष्ट्रपति को फैसला पलटना पड़ा।
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यून ने विपक्ष के फैसले को स्वीकार कर लिया। अब विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से इस्तीफा देने और महाभियोग चलाने की मांग की है। बताया जा रहा है कि मार्शल लॉ लागू करने का फैसला उन्होंने सिर्फ अपनी पत्नी के घोटालों से ध्यान हटाने के लिए लिया था। दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला का नाम किम किऑन ही है। वे बिजनेसवुमेन हैं। उनकी कंपनी का नाम कोवाना कंटेंट्स है, जिसकी स्थापना 2007 में हुई थी।
Rakyat pula makin marah dengan pelbagai skandal melibatkan pentadbiran Yoon, termasuk yang melibatkan isterinya, Kim Keon Hee. pic.twitter.com/cPLwrwjMH9
— Azizul Farhan (@AzizulFarhan2) December 4, 2024
2015 में डोंगा बिजनेस रिव्यू में किम का एक इंटरव्यू वायरल हुआ था। जिसमें उन्होंने कहा था कि बचपन से ही आर्ट में रुचि थी। आर्ट की वेल्यू फैलाने के लिए बिजनेस शुरू किया। किम ने येओल से मार्च 2012 में विवाह किया था। मई 2022 में येओल राष्ट्रपति बने। किम पशु अधिकारों को लेकर भी पैरवी करती हैं। उन्होंने कुत्ते के मांस के सेवन पर रोक लगाने की मांग की थी।
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किम कई बार विवादों में रही हैं। माना जाता है कि उनकी वजह से पति की राजनीतिक प्रतिष्ठा कई बार धूमिल हो चुकी है। सितंबर 2022 में वे एक लग्जरी हैंडबैग को लेकर सुर्खियों में आई थीं। कोरियाई-अमेरिकी पादरी चोई जे यंग ने इस क्रिश्चियन डायर बैग का वीडियो बना लिया था। दावा किया गया था कि ये बैग तीन मिलियन वॉन (1.8 लाख रुपये) का था। इसके बाद देशभर में उनकी आलोचना हुई थी। क्योंकि साउथ कोरिया में भ्रष्टाचार विरोधी कानून लागू है। जिसके तहत कोई भी सरकारी अधिकारी 750 डॉलर (63 हजार रुपये) से अधिक मूल्य का गिफ्ट नहीं ले सकता।
किम के खिलाफ पीएचडी थीसिस चोरी करने का भी आरोप है। कूकमिन यूनिवर्सिटी ने आठ महीने की जांच के बाद उन्हें आरोपों से मुक्त किया था। 16 प्रोफेसरों ने दावा किया था कि उन्होंने साहित्यिक चोरी की है। दंपती के खिलाफ 2022 में संसदीय उपचुनाव में कैंडिडेट चुनने के लिए पीपुल्स पावर पार्टी (PPP) पर गैरकानूनी ढंग से प्रभाव डालने के आरोप भी लगे थे।
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