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ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे…, BRICS-भारत को लेकर रूस का बड़ा बयान, जानें पाकिस्तान को लेकर क्या कहा?

India Russia Relations: रूस और भारत की दोस्ती पिछले 3 साल में काफी मजबूत हो गई है कि अब किसी भी दबाव में ये टूटेगी नहीं। रूस ने एक बयान देकर इसका सबूत भी दिया है। रूस ने ब्रिक्स समिट के लिए भारत की अध्यक्षा का समर्थन किया है।

Author Edited By : Khushbu Goyal
Updated: Feb 10, 2026 10:01
PM Modi, Vladimir Putin
पिछले 3 साल में भारत और रूस के संबंध ज्यादा मजबूत हो गए हैं।

Russia Supports India: ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे… शोले के जय-वीरू की दोस्ती पर बना यह गाना रूस और भारत पर फिट बैठता है। जी हां, बेशक अमेरिका के दबाव में आकर भारत ने रूस से तेल खरीद कम कर दी या बंद ही क्यों न कर दे। रूस और भारत की दोस्ती पर इसका असर नहीं पड़ेगा। इसका सबूत रूस ने भारत के पक्ष में एक बयान देकर दिया है। रूस ने ब्रिक्स की अध्यक्षता के लिए भारत का समर्थन किया है।

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पुतिन की ओर से जारी किया गया बयान

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सोमवार को राष्ट्रपति पुतिन की ओर से एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि ब्रिक्स के चेयरमैन के रूप में रूस पूरी तरह से भारत का समर्थन करता है और ब्रिक्स के एजेंडे को पूरा करने में भारत के साथ खड़ा है। वर्तमान दौर को देखे तो आतंकवाद और एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर भारत का एजेंडा रेलिवेंट और लॉजिकल है। इसलिए ब्रिक्स समिट में भारत की ओर से जो एजेंडा पेश किया जाना है, वह वर्तमान चुनौतियों का समाधान निकालने में सक्षम है, इसलिए रूस हर स्तर पर भारत का साथ देगा।

आतंकवाद विरोधी एजेंडे को समर्थन देंगे

रूस के विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान पर आतंकवाद और आतंकवादियों को पनाह देने के आरोप लगे हैं और भारत ने आतंकवाद के साथ-साथ पाकिस्तान के खिलाफ भी अभियान छेड़ा हुआ है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद अभियान और तेज हो गया है। इसलिए ब्रिक्स समिट में आतंकवाद का एजेंडा प्रमुख रहेगा और रूस इस एजेंडे में भारत का साथ देगा। संयुक्त राष्ट्र में भी रूस ने भारत के साथ मिलकर वैश्विक आतंकवाद विरोधी एजेंडा छेड़ा हुआ है।

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भारत पर तेल व्यापार बंद करने का दबाव

बता दें कि अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल व्यापार बंद करने का दबाव डाला हुआ है। इसी शर्त पर अमेरका ने भारत के साथ 500 मिलियन डॉलर का व्यापार समझौता किया है। रूस से तेल व्यापार के कारण पैनल्टी के तौर पर लगा 25 प्रतिशत टैरिफ हटाया है। अमेरिका का कहना है कि रूस से ऑयल खरीदकर भारत जो पैसा देता है, उसका इस्तेमाल रूस यूक्रेन के खिलाफ जंग में करता है। इसलिए अमेरिका नहीं चाहता कि रूस और भारत का तेल व्यापार जारी रहे।

First published on: Feb 10, 2026 09:38 AM

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