US-Israel Iran Air Strikes: इजरायल के ईरान पर हमले बढ़ने से मिडिल ईस्ट में जंग और भीषण हो रही है। इजरायल ने ईरान के गैस प्लांट पर हमला किया तो ईरान ने अरब देशों के तेल-गैस प्लांट पर हमले किए। 28 फरवरी 2026 से जारी जंग से दुनियाभर में तेल और गैस का संकट गहरा गया है। वहीं अरब देशों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालातों को देखते हुए रूस ने भारत से मध्यस्थता करने और जंग को खत्म कराने की अपील की है।
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भारत से जंग रुकवाने का प्रयास करने की अपील
बता दें कि अमेरिका और ईरान युद्ध को रोकने के लिए भारत से मध्यस्थता करने की अपील करते हुए रूस ने कहा कि भारत जैसा शक्तिशाली देश जंग को रुकवाने में अहम भूमिका निभा सकता है। अमेरिका और इजरायल ने बिना कारण ईरान पर हमले किए हैं। जंग को 3 सप्ताह हो चुके हैं, जिसका नुकसान पूरी दुनिया उठा रही है। मिडिल ईस्ट की जंग के कारण जो संकट पैदा हुआ है, उसका समाधान खोजने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगे आना चाहिए।
भारत की बातचीत करके विवाद सुलझाने की सलाह
रूस ने कहा कि भारत प्रभावशाली और शक्तिशाली देश है और भारत लगातार युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाने की सलाह देता आया है। बता दें कि रूस ने ईरान को सैटेलाइट इमेज और ड्रोन टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराई है। इससे ईरान जहां ड्रोन अटैक करने में सक्षम हुआ, वहीं ईरान को अमेरिका के सैन्य विमानों की लोकशन भी मिली, जिसके जरिए उसे सटीक हमले करने में मदद भी मिल रही है। लेकिन इस खुफिया इनपुट की पुष्टि नहीं हुई है।
जंग से भारत के तेल-गैस आयात पर पड़ा बुरा असर
मिडिल ईस्ट की जंग से भारत के आधे से ज्यादा कच्चे तेल का आयात, 30% गैस और 85-90% LPG आयात प्रभावित हुआ है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकाबंदी हो गई है, जिससे खाड़ी देशों का तेल-गैस पूरी दुनिया में सप्लाई होता है। भारत ने रूस समेत कई देशों से तेल मंगवाकर अपनी कच्चे तेल की कमी की भरपाई की है। भारत 88% कच्चा तेल, 50% प्राकृतिक गैस और 60% LPG का आयात करता है, लेकिन जंग के कारण यह सप्लाई बाधित हुई है।










