History: 17000 फीट ऊंचाई पर प्लेन क्रैश; पलटियां खाते हुए समुद्र में गिरा, 30 सेकेंड में मारे गए 78 लोग

Today History in Hindi: आज के दिन ऐसा विमान हादसा हुआ था, जिसके होने का कोई कारण जांच में पता नहीं चला। हादसे में 78 लोग मारे गए थे, लेकिन सिर्फ 12 लाशें मिली थीं। बाकी शवों को आज तक समुद्र से निकाला नहीं जा सका। आइए जानते हैं कि विमान हादसा कब और कहां हुआ था?

Pan Am Flight 816 Crash

उड़ते जहाज में को-पायलट की बिगड़ी तबीयत।

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Pan Am Flight 816 Crash Memoir: फ्लाइट टेकऑफ हुई ही थी कि 30 सेकेंड बाद ही डगमगाने लगी। फिर पलटियां खाते हुए समुद्र में गिर गई। पानी में गिरते हुए प्लेन क्रैश हो गया और 78 पैसेंजर्स करीब 700 मीटर की गहराई में डूब गए। सिर्फ 12 लोगों की लाशें पानी में तैरती मिलीं। बाकी लोगों की लाशें आज तक समुद्र से निकल नहीं पाई हैं।

विमान हादसे की जांच की गई तो कॉकपिट के वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर से पता चला कि लोग 2300 फीट (700 मीटर) नीचे पानी में डूब गए थे और उन्हें कभी नहीं निकाला जा सका। टेकऑफ के बाद ऊंचाई पर जाते हुए किसी इंस्ट्रूमेंट के फेल होने से हादसा होने का शक जांच एजेंसी ने जताया, लेकिन फ्लाइट रिकॉर्डर नहीं मिलने के कारण विमान हादसे का कोई आधिकारिक कारण आज तक निर्धारित नहीं किया गया।

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दूसरे स्टॉपेज से पहले क्रैश हो गया था विमान

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विमान हादसा आज से 51 साल पहले 22 जुलाई 1973 को हुआ फ्रेंच पोलिनेशिया में हुआ था। वहीं फ्लाइट 816 के साथ हुए हादसे को फ्रेंच पोलिनेशिया में होने वाला सबसे घातक विमान हादसा माना गया। पैन एम फ्लाइट 816 ने न्यूजीलैंड के ऑकलैंड एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। फ्लाइट को अमेरिका के कैलिफोर्निया में सैन फ्रांसिस्को एयरपोर्ट पर लैंड होना था।

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रास्ते में फ्लाइट के 2 स्टॉपेज थे। एक फ्रेंच पोलिनेशिया के ताहिती एयरपोर्ट पर था। दूसरा कैलिफोर्निया के लॉस एंजिल्स एयरपोर्ट पर था। पैन एम बोइंग 707-321B प्लेन का रजिस्ट्रेशन नंबर N417PA था। इस प्लेन का नाम क्लिपर विंग्ड रेसर था । 22 जुलाई 1973 को भारतीय समयानुसार रात 10:06 बजे फ्लाइट ने पपीते के फाआ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी, लेकिन 30 सेकेंड बाद ही समुद्र में गिर गया।

 

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जिंदा बचे एकमात्र पैसेंजर ने सुनाई आंखोंदेखी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ऑकलैंड से पहले स्टॉपेज तक फ्लाइट में कोई खराब नहीं थी, लेकिन पहले स्टॉपेज वाले एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद फ्लाइट क्रू ने कॉकपिट विंडशील्ड में दरार की सूचना एयरपोर्ट के टेक्निकल स्टाफ को दी थी, लेकिन उन्होंने इसे छोटी-सी खामी मानकर इग्नोर किया और पायलटों को टेकऑफ करने की परमिशन दे दी। फिर भी क्रू मेंबर्स ने न्यूयॉर्क शहर में एयरलाइन अधिकारियों को इस बारे में बताया। कैप्टन इवर्ट्स ने विमान में अतिरिक्त ईंधन भरने का फैसला लिया।

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इस वजह से फ्लाइट 90 मिनट लेट हो गई। अतिरिक्त ईंधन से विमान का वजन बढ़ गया। न्यूयॉर्क से टेकऑफ के बाद रात 10 बजे क्रू मेंबर्स ने ATC अधिकारियों से संपर्क किया। इस बीच प्लेन अचानक 90 डिग्री तक मुड़ गया और प्लेन से एक फ्लैश भी निकला। हादसे में जिंदा बचे एकमात्र कनाडाई पैसेंजर ने बताया कि प्लेन क्रैश होने से पहले उसने जोरदार आवाज सुनी थी और पानी में चमक देखी थी, लेकिन अचानक खुद को पानी के अंदर पाया। नौसेना के जवानों को वह बेहोशी की हालत में मिला।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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