Earthquake News: भूकंप से कांपी इंडोनेशिया की धरती, रिक्टर स्केल पर 6.5 रही तीव्रता

Earthquake in Indonesia: धरती आज फिर भूकंप से दहल गई। आज साउथ एशिया के देश इंडोनेशिया में भूकंप आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6 से ज्यादा रही। इतनी तीव्रता वाला भूकंप आने के बाद इंडोनेशिया में अलर्ट जारी कर दिया गया है। लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।

Earthquake | India | National Center For Seismology

भारत में भूकंप को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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Earthquake in Indonesia: इंडोनेशिया की धरती आज जोरदार भूकंप से कांप गई। आज सुबह करीब साढ़े 11 बजे आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.5 मापी गई है। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) की रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप इंडोनेशिया के दक्षिणपूर्वी हिस्से में तानिम्बार द्वीप पर आया। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) और अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) ने भी आज इंडोनेशिया में आए भूकंप की पुष्टि की। भूकंप का केंद्र धरती के नीचे 110 किलोमीटर की गहराई में मिला है। भूकंप से किसी तरह के जान माल के नुकसान की खबर नहीं है।

 

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दिल्ली में लगातार 2 दिन आया भूकंप

बता दें कि दिल्ली और इसके आस-पास के NCR वाले इलाकों में भूकंप के झटके अकसर महसूस किए जाते हैं। 2 दिन पहले दिल्ली-NCR में लगातार 2 दिन भूकंप आया। 10 जुलाई 2025 की सुबह 9 बजकर 4 बजे मिनट पर 4.4 की तीव्रता वाले भूकंप के झटके लगे थे। भूकंप का केंद्र हरियाणा के झज्जर में मिला था। करीब 10 सेकंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। अगले दिन 11 जुलाई की शाम को करीब 7 बजकर 49 मिनट पर फिर दिल्ली-NCR में भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 मापी गई थी और इस भूकंप का केंद्र भी हरियाणा के झज्जर जिले में ही था।

इससे पहले 17 फरवरी 2025 की सुबह 5 बजकर 36 मिनट पर 4 की तीव्रता वाला भूकंप आया था, जिसका केंद्र दिल्ली के धौलाकुआं में मिला था। 8 जून 2025 की रात को 1 बजकर 23 मिनट पर 2.3 की तीव्रता वाला हल्का भूकंप आया था, जिसका केंद्र दक्षिण-पूर्व दिल्ली में मिला था। बता दें कि दिल्ली भूकंप के मद्देनजर सिस्मिक जोन-IV में आता है, इसलिए दिल्ली में 5 से 6 की तीव्रता वाले भूकंप संभावित हैं। 7 से 8 की तीव्रता वाला भूकंप भी आ सकता है। दरअसल, दिल्ली हिमालय से लगभग 250 किलोमीटर दूर है, जहां टेक्टोनिक प्लेट्स का टकराव भूकंप का कारण बनता है।

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रिंग ऑफ फायर पर बसा है इंडोनेशिया

बता दें कि इंडोनेशिया प्रशांत महासागर में रिंग ऑफ फायर पर बसा है। इस एरिया में टेक्टोनिक प्लेट्स का टकराव भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोटों का कारण बनता है। 2 दिन पहले 12 जुलाई को सुमात्रा में निआस सेलाटन के पास 5.3 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र 297 किलोमीटर दूर दक्षिण-पश्चिम में धरती के नीचे 10 किलोमीटर की गई में मिला था। जुलाई महीने के 14 दिन में ही 5 बार इंडोनेशिया के अलग-अलग इलाकों में भूकंप आ चुका है, जिनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4 से 6 के बीच रही थी।

इंडोनेशिया सुंडा और इंडो-ऑस्ट्रेलियाई प्लेट्स पर बसा है, इनमें टकराव होने से सुंडा ट्रेंच में भूकंपीय गतिविधियां होती हैं। इंडोनेशिया के समुद्र में उथली गहराई के भूकंप अक्सर भूकंप आने पर सुनामी आने का खतरा भी पैदा हो जाता है। भूकंप के लिए सुमात्रा, जावा, सुलावेसी और मलूकु इलाके ज्यादा संवेदनशील हैं।

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