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न शहबाज ना जरदारी, पाकिस्तान में सेना ही सब पर भारी, कब-कब हुआ तख्तापलट?

India-Pakistan Tension: 14 अगस्त 1947 में पाकिस्तान देश बना था। इसके बाद से वहां सेना समय-समय पर तख्तापलट करती रही है। एक बार और पाकिस्तान में तख्तापलट होने की संभावना जताई जा रही है। इस बार सेना प्रमुख असीम मुनीर शहबाज शरीफ सरकार का तख्तापलट कर सकते है।

India-Pakistan Tension: पाकिस्तान में एक बार फिर तख्तापलट होने की संभावना जताई जा रही है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ इस समय फुल पावर में हैं। आर्मी चीफ न तो आसिफ अली जरदारी की बात मान रहे हैं और ना ही प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सुन रहे हैं। ऐसे में पाक में एक बार फिर तख्तापलट की संभावना बढ़ गई है। इससे पहले भी पाकिस्तान में कई बार तख्तापलट हो चुका है। आइए आपको बताते हैं पाकिस्तान में सेना द्वारा कब-कब तख्तापलट किया गया है।

1953-54 में संवैधानिक तख्तापलट

पाकिस्तान में सबसे पहले 1953-54 में तख्तापलट हुआ था। इस दौरान गर्वनर- जनरल गुलाम मोहम्मद ने प्रधानमंत्री ख्वाजा नजीमुद्दीन की सरकार को बर्खास्त कर दिया था, जबकि उसे पाकिस्तान की संविधान सभा का समर्थन प्राप्त था, फिर 1954 में उन्होंने संविधान सभा को ही बर्खास्त कर दिया ताकि वह गवर्नर जनरल की शक्तियों को सीमित करने के लिए संविधान में बदलाव न कर सके।

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1958 में सेना ने किया तख्तापलट

1958 में पहले पाकिस्तानी राष्ट्रपति मेजर जनरल इस्कंदर अली मिर्जा ने पाकिस्तान की संविधान सभा और प्रधानमंत्री फिरोज खान नून की सरकार को बर्खास्त कर दिया और सेना के कमांडर इन चीफ जनरल अयूब खान को मुख्य मार्शल लॉ प्रशासक नियुक्त किया। ठीक 13 दिन बाद अयूब ने तख्तापलट कर खुद को राष्ट्रपति घोषित कर दिया।

1971 में पलटी सरकार 

1971 में कई सैन्य अधिकारियों ने सरकार के खिलाफ विद्रोह कर दिया, जिसके कारण सरकार को इस्तीफा देना पड़ा और सत्ता जेड ए भुट्टो को सौंपनी पड़ी।

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1977 में सेना प्रमुख ने किया तख्तापलट

4 जुलाई 1977 में सेना प्रमुख जनरल जियाउल हक के नेतृत्व में तत्तकालीन प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो की सरकार के खिलाफ सेना द्वारा तख्तापलट किया गया था।

1999 में परवेज मुशर्रफ खुद बना था राष्ट्रपति

अक्टूबर 1999 में सेना प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ ने नवाज शरीफ सरकार का तख्तापलट कर दिया था। इसके बद परवेज ने खुद को पाक का राष्ट्रपति घोषित कर दिया।

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First published on: May 10, 2025 10:56 PM

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About the Author

Md Junaid Akhtar

युवा पत्रकार मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2013 में ‘अमर उजाला’ गाजियाबाद से की थी। यहां इन्होंने अखबार में करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया। इसके बाद इन्होंने 2014 में ‘नवोदय टाइम्स‘ के लिए रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर कीं। करीब एक साल बाद 2015 में इनका ट्रांसफर गाजियाबाद से दिल्ली हो गया। दिल्ली में इन्होंने अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए। वर्ष 2016 में इनका ट्रांसफर दिल्ली से नोएडा हो गया। नोएडा में इन्होंने क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम तक किया। इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान इन्हें क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला। जुनेद अख्तर ने साल 2024 (जनवरी) में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। इस दौरान इन्होंने ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया। इस बीच 27 फरवरी 2025 को जुनेद अख्तर ने न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। यहां जुनेद अख्तर बतौर सब एडिटर काम कर रहे हैं। जुनेद यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखते हैं। इसके अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की खबरों पर भी नजर रखते हैं।

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