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दुनिया

कौन हैं रॉन अराद? जिन्हें 40 साल बाद लेबनान की कब्रिस्तान में ढूंढ रहे इजरायली फौजी

इजरायली कमांडो देर रात चार हेलीकॉप्टरों में सवार होकर नबी शित गांव पहुंचे थे. फिर इजरायली कमांडोज रस्सियों के सहारे जमीन पर उतरते हैं.

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Edited By : Arif Khan Updated: Mar 7, 2026 20:57
इजरायली फौजी रॉन अराद को 40 साल से ढूंढ़ रहे हैं.

ईरान से जारी जंग के बीच इजरायल की सेना ने रात में पूर्वी लेबनान में छापेमारी की. लेबनान की बेका घाटी के नबी शित गांव में आधी रात को इजरायली कमांडो हेलीकॉप्टर से उतरे. इन्होंने हिजबुल्लाह के इलाके में घुसकर एक कब्रिस्तान में खुदाई की. इजरायली कमांडो अपने किसी दुश्मन को नहीं, बल्कि 40 साल पहले लापता हुए रॉन अराद के अवशेष ढूंढ़ रहे थे. लेकिन सवाल ये है कि आखिर ये रॉन अराद हैं कौन? जिन्हें इजरायली फौजी 40 साल बाद भी ढूंढ़ रहे हैं.

खाली हाथ इजरायली सेना

इजरायली सेना का कहना है कि इस ऑपरेशन में किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ. हालांकि, इजरायली फौजियों को रॉन अराद का कोई अवशेष नहीं मिला. साथ ही संकेत दिए कि खोज जारी रहेगी. स्थानीय रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ऑपरेशन के दौरान लेबनानी सेना के साथ-साथ हिजबुल्लाह के लड़ाकों के विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके बाद बल इलाके से पीछे हट गए.

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ऐसे दिया ऑपरेशन को अंजाम

इजरायली कमांडो देर रात चार हेलीकॉप्टरों में सवार होकर नबी शित गांव पहुंचे थे. फिर इजरायली कमांडोज रस्सियों के सहारे जमीन पर उतरते हैं. इसके बाद एक कब्रिस्तान में घुसते हैं और वहां खुदाई करते हैं, ताकि उन्हें अराद से जुड़े अवशेष मिल सकें. वहां से सामने आए वीडियो और फोटोज में एक कब्र पर ताजी खुदी हुई मिट्टी दिखाई दे रही थी. हालांकि, इजरायली कमांडोज को कामयाबी नहीं मिली.

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कौन हैं रॉन अराद?

साल 1986 में, इजरायल और लेबनानी उग्रवादी समूह हिजबुल्लाह के बीच जंग चल रही थी. इसी जंग में लेबनान में एक इजरायली विमान गिर गया. विमान के नेविगेटर थे रॉन अराद, जो घटना के बाद गायब हो गए थे. माना जाता है कि शुरू में उन्हें शिया अमल मूवमेंट ने पकड़ लिया था और बंदी बना लिया था. पहले दो सालों में उनके जिंदा होने के कई सबूत मिले, जिनमें फोटोज और चिट्ठियां शामिल हैं. आखिरी चिट्ठी 5 मई, 1988 को भेजी गई थी. हालांकि, फिर 1990 के दशक के बीच में उन्हें मरा हुआ मान लिया गया लेकिन उनके अवशेष कभी वापस नहीं किए गए.

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उनकी मौत और उनको दफनाने की जगह के बारे में कभी नहीं बताया गया. कई इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स में उनकी मौत, समय और जगह के बारे में अलग-अलग बातें कही गई हैं. कहा जाता है कि अराद को गायब होने के बाद नबी शिट इलाके में रखा गया था. इजराइल ने पहले भी उनके अवशेषों का पता लगाने की कोशिश में उस इलाके में छापेमारी की गई थी.

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माना जाता है कि हादसे के कुछ समय बाद बेका घाटी में कहीं उनकी मौत हो गई थी. फिर उन्हीं वहीं दफना दिया गया था. हालांकि, सटीक जगह का पता नहीं चल पा रहा.

First published on: Mar 07, 2026 08:49 PM

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