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'ट्रंप को नहीं बख्शेंगे, जख्म अभी ताजा है', ईरान के टॉप अफसर ने दी अमेरिका को खुली धमकी

ईरानी सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने डोनाल्ड ट्रंप को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्हें अपने अपराधों की भारी कीमत चुकानी होगी और बदला लिए बिना ईरान नहीं रुकेगा.

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अमेरिका और इजरायल के साथ जारी भीषण जंग के बीच ईरान के टॉप सिक्योरिटी अफसर अली लारीजानी ने सीधे डोनाल्ड ट्रम्प पर हमला बोला है. सुप्रीम राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव लारीजानी ने ईरानी मीडिया को दिए इंटरव्यू में साफ कहा कि ट्रम्प को उनके किए की सजा जरूर मिलेगी. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के महान नेताओं और मासूम लोगों को शहीद किया है, जिसे किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जाएगा. लारीजानी ने ट्रम्प को एक ‘नीच व्यक्ति’ बताते हुए कहा कि उसने ईरान के दिलों पर ऐसा घाव दिया है जिसे हम कभी भरने नहीं देंगे. उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान अब अमेरिका के किसी भी अहंकारी और आक्रामक व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगा और जब तक बदला पूरा नहीं होता, वे शांत नहीं बैठेंगे.

क्षेत्रीय देशों को सख्त नसीहत

अली लारीजानी ने ईरान के पड़ोसी देशों को भी कड़ा संदेश भेजा है. उन्होंने कहा कि यदि कोई भी क्षेत्रीय देश अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए अमेरिका को देता है, तो ईरान उस पर पलटवार करने का पूरा अधिकार रखता है. उन्होंने पड़ोसी मुल्कों को सलाह दी कि वे अमेरिका को अपनी जमीन का इस्तेमाल करने से रोकें, वरना अंजाम बुरा होगा. इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका पर कुर्दों को ईरान के खिलाफ उकसाने का आरोप लगाया. लारीजानी ने कहा कि अमेरिका ने पहले भी सीरिया में कुर्दों से झूठे वादे किए थे और उन्हें धोखा दिया था. उन्होंने भरोसा जताया कि ईरानी लोग अपने आपसी मतभेदों के बावजूद देश को बांटने की किसी भी अमेरिकी साजिश को कामयाब नहीं होने देंगे.

यह भी पढ़ें: खामेनेई के बाद कौन चला रहा ईरान? जानें कौन ले रहा युद्ध के फैसले

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अमेरिकी सैनिकों को ईरानी सेना ने बनाया बंदी?

सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए लारीजानी ने अमेरिका के उन दावों को खारिज कर दिया जिसमें केवल 5 सैनिकों के मारे जाने की बात कही गई थी. उन्होंने खुलासा किया कि असलियत में कई अमेरिकी सैनिकों को ईरानी सेना ने बंदी बना लिया है. लारीजानी के अनुसार अमेरिका अपनी शर्मिंदगी छिपाने के लिए झूठ बोल रहा है कि उसके सैनिक युद्ध में मारे गए हैं. उन्होंने कहा कि वाशिंगटन कितनी भी कोशिश कर ले, वह सच्चाई को ज्यादा देर तक दुनिया से छिपा नहीं सकता. ईरान का मानना है कि अमेरिका इराक और अफगानिस्तान की तरह यहां भी हस्तक्षेप की नाकाम कोशिश कर रहा है, जिसका अनुभव ईरानी जनता पहले ही देख चुकी है.

ईरान के भविष्य पर ट्रम्प का दखल नामंजूर

डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के भविष्य के नेतृत्व को लेकर दिए गए बयानों पर लारीजानी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सवाल किया कि कोई भी सभ्य ईरानी यह कैसे स्वीकार कर सकता है कि ट्रम्प उनके देश का अगला नेता चुनने में कोई भूमिका निभाएं. लारीजानी ने कहा कि ट्रम्प ईरानी जनता की एकता को समझने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं. ईरानियों ने अतीत में विदेशी दखल के घातक परिणाम देखे हैं, इसलिए वे किसी भी कीमत पर अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेंगे. इस समय ईरान के भीतर सुरक्षा और सैन्य एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और वे किसी भी बड़े टकराव के लिए तैयार नजर आ रही हैं.

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लेखक के बारे में

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
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