Esmaeil Baghaei: ईरान ने सऊदी अरब और यमन के बीच चल रहे टकराव पर बातचीत में मदद करने की इच्छा जताई है. उसने चेतावनी दी है कि अगर लड़ाई जारी रही, तो अरब प्रायद्वीप में अस्थिरता और बढ़ सकती है. सऊदी को हूती विद्रोहियों के हमले में काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, ऐसे में देखना होगा कि तेहरान इन दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कराने में कामयाब होगा या नहीं.
तेहरान ने बातचीत की अपील की
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने 12 अक्टूबर को कहा कि तेहरान इस इलाके में हो रही घटनाओं को लेकर फिक्रमंद है और विवाद को सुलझाने के लिए कूटनीतिक कोशिशों में मदद करने को तैयार है. उन्होंने जोर देकर कहा कि तनाव बढ़ने से इस्लामी दुनिया को कोई फायदा नहीं होगा और उन्होंने सभी पक्षों से लड़ाई जारी रखने के बजाय बातचीत करने को कहा.
इस्माइल बघाई का यह बयान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और उनके सऊदी समकक्ष के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद आया है. उन्होंने कहा कि इलाके के देशों के साथ बातचीत जारी है और उन्होंने सभी पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने में मदद करने की ईरान की इच्छा दोहराई. प्रवक्ता ने ये भी चेतावनी दी कि लंबे समय तक चलने वाले टकराव के इलाके पर बड़े असर पड़ सकते हैं, क्योंकि ये इलाका पहले से ही काफी तनाव का सामना कर रहा है.
ईरान ने यमन-सऊदी समझौते का जिक्र किया
यमन टकराव पर बात करते हुए बघाई ने कहा कि इस विवाद को सऊदी अरब और यमन के बीच समझौते के जरिए पहले ही सुलझा लिया जाना चाहिए था. उन्होंने बताया कि एक रोडमैप तैयार किया गया था और कहा कि ईरान ने तय किए गए उपायों को लागू करने की कोशिशों का समर्थन किया है. तेहरान के ताजा बयान से पता चलता है कि वह शांतिपूर्ण समाधान को बढ़ावा देने के लिए कूटनीतिक तरीकों का इस्तेमाल करने को तैयार है, हालाँकि किसी नए मध्यस्थता समझौते का ऐलान नहीं किया गया.
जानलेवा हमलों से सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ीं
ईरान की ये अपील रियाद में सऊदी अरब के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए जानलेवा हमलों की खबरों के बीच आई है. सऊदी एविएशन अधिकारियों के आंकड़ों के मुताबिक, 10 अक्टूबर को किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में करीब 14 लोगों की मौत हो गई और 309 लोग घायल हो गए. बाद में रियाद में भारतीय दूतावास ने घायल हुए एक भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि की, जिससे मरने वालों की कुल तादाद 13 हो गई.
इससे पहले 6 और 7 अक्टूबर को हुए हमलों में 3 लोगों की मौत और 36 लोगों के घायल होने की खबर थी. 10 अक्टूबर 2026 की घटना के बाद एयरपोर्ट का कामकाज कुछ वक्त के लिए रोक दिया गया था, क्योंकि अधिकारी नुकसान का जायजा ले रहे थे और सुरक्षा जांच कर रहे थे. इन हालात को देखते हुए ईरान ने बातचीत की अपील फिर से की है. उसका कहना है कि पूरे इलाके में तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए कूटनीतिक बातचीत जरूरी है.