Iran Currency Value Zero: हिंसक आंदोलन के बीच ईरान को 2 बड़े झटके लगे हैं. एक तो ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर अमेरिका ने अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है, जिसका नुकसान ईरान को व्यापारिक स्तर पर उठाना पड़ेगा, दूसरी ओर ईरान की करेंसी रियाल की वैल्यू जीरो हो गई है, जिसके चलते अब ईरान की करेंगी रियाल दुनियाभर के 27 देशों में नई चलेगी.
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भारत-अमेरिका में इतनी है रियाल की कीमत
करेंसी की वैल्यू जीरो होने का नुकसान ईरान खासकर यूरोप के देशों में उठाना पड़ेगा, जो ईरान के साथ कई प्रकार के आयात-निर्यात करते हैं. साथ ही तेल व्यापार भी करते हैं. ऐसे में अब यूरोपीय देशों में ईरानी करेंसी रियाल एक्सचेंज नहीं होगी. रियाल की कीमत भारतीय मुद्रा के मुकाबले 0.000091 पैसे रह गई है. वहीं अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ईरानी रियाल की कीमत 0.0000010 सेंट है.
जरूरत की चीजें नहीं खरीद पा रहे ईरानी लोग
ईरानी करेंगी की कीमत यूरो के मुकाबले शून्य हो गई है. इसलिए ईरान को अपनी करेंसी का नुकसान यूरोप में ज्यादा उठाना पड़ेगा. इसके अलावा ईरान जिस आर्थिक संकट और राजनीतिक उथल-पुथल से गुजर रहा है, उस बीच ईरान में हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरत की चीजें भी नहीं खरीद रहा है. महंगाई से तंग आकर ही खामेनेई की सत्ता के खिलाफ मोर्चा खोला है.
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1979 के बाद छिड़ा ईरान में सबसे बड़ा आंदोलन
बता दें कि 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद पहली बार ईरान के लोगों ने देश की धार्मिक व्यवस्था को खुली चुनौती दी है. ईरान में इंटरनेट बंद होने के बावजूद हजारों लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं और अली खामेनेई सरकार विरोधी नारे लगाए जा रहे हैं. 11 जनवरी को अमेरिका के लॉस एंजेलिस में फ्री ईरान रैली निकाली गई थी. राष्ट्रपति ट्रंप भी ईरान पर एयर स्ट्राइक की धमकी दे दी है.










