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शंघाई टू दिल्ली फ्लाइट का शेड्यूल जारी, सप्ताह में कितने दिन होगी उड़ान और क्या रहेगा समय-किराया?

Shanghai to Delhi Flight: शंघाई से दिल्ली के फ्लाइट शुरू हो गई है और पहली फ्लाइट का आना-जाना भी हो गया है. चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस ने फ्लाइट को सप्ताह के 3 दिन के लिए शेड्यूल किया गया है. साल 2020 में कोरोना काल और भारत-चीन सीमा विवाद के कारण हवाई सेवाएं बंद हुई थीं.

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Shanghai to Delhi Flight Schedule: भारत और चीन के संबंधों में सुधार आने लगा है और 5 साल बाद दोनों देशों के पहले हवाई सेवाएं भी शुरू हो गई हैं. पहले 26 अक्टूबर से इंडिगो एयरलाइंस ने कोलकाता से गुआंगजू के लिए नॉन-स्टॉफ फ्लाइट शुरू की थी और आज 10 नवंबर को दिल्ली से भी गुआंगजू के लिए फ्लाइट शुरू हो गई. वहीं दूसरी ओर, 9 नवंबर से चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस ने शंघाई से दिल्ली की फ्लाइट शुरू की है, जिसका किराया एयरलाइंस के अनुसार अलग-अलग हो सकता है और यह 15 हजार से लेकर 25000 तक हो सकता है.

यह रहेगा फ्लाइट का टाइम शेड्यूल

भारत की ओर से चीन के लिए फ्लाइट शुरू करने वाली पहली कंपनी इंडिगो एयरलाइंस हैं और चीन की ओर से भारत के लिए फ्लाइट शुरू करने वाली पहली कंपनी चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस है, जिसकी पहली फ्लाइट MU564 ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शुक्रवार शाम करीब 7 बजकर 55 मिनट पर उड़ान भरी थी, जो शनिवार सुबह करीब 4 बजकर 10 मिनट पर शंघाई के पुडोंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंची और वापसी में फ्लाइट ने शनिवार दोपहर को 12 बजकर 30 मिनट पर उड़ानी भरी और रविवार शाम करीब 6 बजे दिल्ली पहुंची.

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सप्ताह में 3 दिन ही उड़ेगी फ्लाइट

बता दें कि चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस की शंघाई से दिल्ली के लिए फ्लाइट सप्ताह में 3 दिन बुधवार, शनिवार और रविवार को उड़ान भरेगी. वहीं जनवरी 2026 तक मांग और यात्रियों की संख्या के आधार पर फ्लाइट को सप्ताह में 5 दिन सोमवार, बुधवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को चलाने की योजना है. शंघाई से चाइन के बीच ढाई घंटे का सफर है, वहीं फ्लाइट में यात्रियों को Wi-Fi और मैसेजिंग सर्विस दी जाएगी. बता दें कि कोरान महामारी और भारत-चीन सीमा को लेकर गलवान में हुए सैन्य संघर्ष और तनाव के चलते फ्लाइट को बंद कर दिया गया था.

कैसे सुधरेंगे दोनों देशों के संबंध?

बता दें कि शंघाई से दिल्ली के लिए फ्लाइट शुरू होने से दोनों देशों के बीच व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे अर्थव्यवस्था का विकास होगा. वहीं दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी होगा. 1962 के युद्ध के बाद भारत और चीन के व्यापारिक संबंध बने, जो आगे चलकर काफी मजबूत हुए, लेकिन जून 2020 में भारत-चीन सीमा पर गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के कारण संबंध खराब हुए. करीब 20 भारतीय जवान शहीद हुए थे, जिसके बाद भारत ने चीन से संबंध तोड़ते हुए हवाई सेवाएं सस्पेंड कर दी थीं.

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First published on: Nov 10, 2025 11:35 AM

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