पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को देररात कड़ी सुरक्षा के बीच आदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया था. जहां से चेकअप के बाद उन्हें वापस जेल भी पहुंचा दिया गया. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उन्हें जेल से अस्पताल ले जाया गया था, जिसके लिए पूरे इलाके और जेल से अस्पताल तक के रास्ते को सील करके सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. सुप्रीम कोर्ट की 3 जजों वाली बेंच ने 48 घंटे के अंदर इमरान खान इलाज कराने का निर्देश दिया था.
अस्पताल के आस-पास सुरक्षा के कैसे थे इंतजाम?
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के अनुसार, इमरान खान जब तक शिफा अस्पताल में रहे, तब तक अस्पताल के आस-पास का इलाका सील रहा. अस्पताल के आस-पास बैरिकेड लगाकर पुलिस ने रास्तों को सील कर दिया था. पुलिस कर्मियों और पुलिस वैन को तैनात करके पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट की परमिशन के बाद सोमवार रात को बहन को इमरान खान से मिलने दिया गया था. लेकिन आज अस्पताल पहुंचने के बाद इमरान को किसी से मिलने नहीं दिया गया. उनकी बहन को तो अस्पताल में एंट्री ही नहीं मिली.
पुलिस के अलावा कौन-कौन अलर्ट मोड में रहा?
बता दें कि इधर इमरान खान अस्पताल पहुंचे, उधर इस्लामाबाद पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल (IG) और अन्य अधिकारी शिफा इंटरनेशनल अस्पताल पहुंचे. अधिकारियों ने इमरान खान का हेल्थ अपडेट IG को दिया और IG ने अस्पताल में किए गए सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया. पुलिस के साथ-साथ सेना, खुफिया एजेंसियों, कमांडो टीम को अलर्ट मोड में रखा गया था. अस्पताल के आस-पास सिक्योरिटी इतनी चाक-चौबंद थी कि उस तक आने वाले रास्तों पर खड़े वाहनों को लिफ्टर की मदद से उठाकर ले जाया गया और रास्ता खाली करने की मुनादी कराई गई.
इमरान को अस्पताल किसके आदेश पर ले गए?
बता दें कि इमरान खान को अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्टने दिया. कोर्ट ने 2 दिन पहले ही पुलिस और सरकार के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि पूर्व प्रधानमंत्री के मेडिकल चेकअप कराए जाएं और जरूरी पड़ने पर उनका इलाज भी कराया जाए, जिसके लिए उन्हें अस्पताल में शिफ्ट किया जाए. सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार पाकिस्तान के वर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इमरान खान को अस्पताल में शिफ्ट करने का प्लान बनाया.