प्लेन क्रैश से पहले कैप्टन के आखिरी शब्द क्या थे? आसमान में आग का गोला बना था विमान, मारे गए 113 लोग

Flight 4590 Captain Last Discussion Recording: प्लेन क्रैश हुआ और 113 लोग मारे गए, लेकिन हादसे से पहले कैप्टन के आखिरी शब्द दुनिया को बताए गए हैं कि कैसे उसने हादसे को होने से रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह 113 जानें बचा नहीं पाया।

Air France Flight 4590 Crash

Air France Flight 4590 Crash

Flight Captain Last Words Brfore Plane Crash: आज से 24 साल पहले भीषण विमान हादसा हुआ था, जिसमें पैसेंजर्स और क्रू मेंबर्स समेत 113 लोग मारे गए थे। 24 जुलाई 2000 के दिन एयर फ्रांस फ्लाइट 4590 पेरिस के चार्ल्स डी गॉल एयरपोर्ट से न्यूयॉर्क के लिए टेकऑफ हुई थी। कॉनकॉर्ड पैसेंजर जेट प्लेन था, जिसमें 100 पैसेंजर्स और 9 क्रू मेंबर्स सफर कर रहे थे, लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एक मिनट के अंदर प्लेन पेरिस के बाहर गोनेस में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। करीब 77 सेकेड प्लेन हवा में रहा। उड़ान भरते समय प्लेन से आग की लपटें निकल रही थीं। इससे पहले की कैप्टन इमरजेंसी लैंडिंग करा पाते, प्लेन में आसमान में ही ब्लास्ट हो गया, लेकिन प्लेन क्रैश से पहले कैप्टन के आखिरी शब्द क्या थे? बीते दिन हादसे की बरसी पर एयर फ्रांस एयरलाइंस ने रिवील किए।

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यह थे पायलट के आखिरी शब्द…

एयर फ्रांस फ्लाइट 4590 के पायलट कैप्टन क्रिश्चियन मार्टी को ATC ने बताया कि कॉनकॉर्ड जीरो… 4590, तुम्हारे पीछे आग की लपटें हैं। तुम्हारे पीछे भी आग की लपटें हैं। कैप्टन ने जवाब दिया कि ब्रेकडाउन इंजन… ब्रेकडाउन इंजन दो। इंजन 2 को बंद करो। प्लेन ने आपातकालीन लैंडिंग के लिए स्पीड बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन कैप्टन बोले कि बहुत देर हो चुकी है…समय नहीं है। इसके बाद सह-पायलट को यह कहते हुए सुना गया कि ले बौर्जेट, ले बौर्जेट। नेगेटिव, हम ले बौर्जेट (हवाई अड्डे पर उतरने) की कोशिश कर रहे हैं। क्रू मेंबर्स न तो प्लेन की स्पीड बढ़ा सके और न ही ऊंचाई पर जा सके, जबकि वे ले बौर्जे हवाई अड्डे तक पहुंचने की पूरी कोशिश कर रहे थे। 16 सेकेंड बाद रिकॉर्डिंग समाप्त हो जाती है और कुछ ही देर बाद विमान में सवार सभी लोग मारे जाते हैं।

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हादसे के बाद लुप्त हुए कॉनकॉर्ड कैटेगरी के प्लेन

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एयरलाइंस की ओर से बताया गया कि प्लेन का मलबा एक छोटे से शहर गोनेस के एक होटल पर गिरा था, लेकिन यह भयावह हादसा कॉनकॉर्ड विमानों के विलुप्त होने का कारण भी बना। जांचकर्ताओं को पता चला कि विमान का एक टायर शीट धातु के मलबे के एक छोटे टुकड़े से टकराया था, जो 5 मिनट पहले उड़ान भरने वाले विमान से गिरा था। धातु के उस 40 सेंटीमीटर लंबे टुकड़े ने कॉनकॉर्ड प्लेन के टायर को चीर दिया था, जिससे रबर वाले टायर के बड़े-बड़े टुकड़े हो गए और वे बहुत तेज स्पीड से प्लेन के ईंधन टैंक में गिराए।

फ्रांसीसी जांचकर्ताओं ने पुष्टि की है कि टायर फटने से ही विमान हादसा हुआ था। ऑयल टैंक फटने से भारी ईंधन रिसाव हुआ, जिसने आग पकड़ ली और उड़ान भरते समय आग की विकराल लपटें निकलने लगीं। प्लेन में जब आग लगी तो नीचे सड़क से गुजर रहे ट्रक ड्राइवर ने उस घटनाक्रम को अपने कैमरे में कैद कर लिया। आग से घिरे प्लेन की तस्वीर इतिहास बन गई। दुर्घटना के कारण एयरलाइन को अपने कॉनकॉर्ड विमानों को तुरंत सेवाओं से हटाना पड़ा। ब्रिटिश एयरवेज ने भी ऐसा ही किया। कॉनकॉर्ड विमान ने पहली व्यावसायिक उड़ान 21 जनवरी 1976 को भरी थी और आखिरी 26 नवम्बर 2003 को भरी थी।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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