Iraq के बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास धमाके, अक्टूबर से अब तक हो चुके 70 से ज्यादा हमले

US Embassy Explosive Attacks: बगदाद में अमेरिकी दूतावास को लगातार टारगेट किया जा रहा है। पिछले 2 महीने से लगातार हमले हो रहे हैं। शुक्रवार सुबह भी जोरदार धमाका हुआ।

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Explosive Attacks Near US Embassy in Baghdad: इराक की राजधानी बगदाद में शुक्रवार तड़के को अमेरिकी दूतावास के बाहर एक बार फिर धमाकों की आवाज सुनाई दी। अचानक विस्फोट हुआ और अफरा तफरी मच गई। धमाकों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। हालांकि अमेरिकी राजनयिक सुरक्षित हैं और दूतावास के प्रवक्ताओं ने मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है, लेकिन अचानक विस्फोट होने से अधिकारियों में दहशत का माहौल है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर से लेकर अब तक इराक और सीरिया में सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी बलों पर 70 से अधिक हमले हो चुके हैं, जिनकी जिम्मेदारी इराकी शिया मुस्लिम सशस्त्र समूहों के एक छात्र संगठन ने ली है, लेकिन शुक्रवार को अमेरिकी दूतावास पर सुबह लगभग 4 बजे हुए हमले की किसी भी समूह ने अभी तक जिम्मेदारी नहीं ली है।

 

अक्टूबर में भी हुआ था अमेरिकी सेना पर हमला

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल हमास युद्ध के चलते अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया जा रहा है। अक्टूबर महीने में भी इराक में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया गया था। करीब 3 हमले किए गए थे, जिनमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन वाहन क्षतिग्रस्त हुआ था। इजराइल हमास युद्ध की शुरुआत से ही अमेरिका और अमेरिकन लोगों को टारगेट किया जा रहा है। वहीं इराके उत्तरी शहर मोसुल में हुए इस हमले पर भी अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता और इराक में तैनात अमेरिकी सेना ने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की थी, लेकिन एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने सेना के काफिले पर IED विस्फोट से हमला होने की पुष्टि की थी।

 

इराकी शिया धर्मगुरु मुक्तदा अल-सद्र US के खिलाफ

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इराक (Iraq) में सद्रिस्ट मूवमेंट के नेता मुक्तदा अल-सद्र (Muqtada al-Sadr) ने इराक में अमेरिकी दूतावास के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। वे इराक में अमेरिकी दूतावास को बंद करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट करके कहा कि मैं इराकी सरकार और इराकी संसद से पहली बार और जन हित के लिए इराक में अमेरिकी दूतावास को बंद करने पर मतदान करने की मांग करता हूं। मुक्तदा अल सद्र इराक में शिया मुसलमानों के सबसे बड़े नेता हैं और मुस्लिम समुदाय उन्हें काफी मानता है। वे ईरानी धर्मगुरु अयातुल्लाह अली खामेनेई के करीबी हैं। उन्होंने इराक युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना के खिलाफ मेहदी सेना का नेतृत्व भी किया था। अब इजराइल हमास युद्ध के चलते वे इराक में अमेरिकी दूतावास की खिलाफत कर रहे हैं।

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First published on: Dec 08, 2023 11:55 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.

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