Trump Jinping Phone Talk: अमेरिका की नजर भारत के बाद अब चीन पर है. अमेरिका अब चीन को वेनेजुएला का तेल बेचेगा. राष्ट्रपति ट्रंप ने इसके संकेत दिए हैं और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत के बारे में बताया है. उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट लिखकर बताया कि जिनपिंग से उनकी फोन पर बात हुई और अप्रैल महीने में चीन के दौरे पर चर्चा हुई है. अगले महीने चीन जाऊंगा और ऑयल-मिलिट्री ट्रेड डील के साथ कई समझौते करुंगा.
US President Donald Trump posts on Truth Social, "I have just completed an excellent telephone conversation with President Xi of China. It was a long and thorough call, where many important subjects were discussed, including Trade, Military, the April trip that I will be making… pic.twitter.com/7A7zLqBn0p
---विज्ञापन---— ANI (@ANI) February 4, 2026
ताइवान-ईरान समेत कई मुद्दों पर हुई बात
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि चीन के साथ संबंध बेहद अच्छे हैं और जिनपिंग के साथ व्यक्ति संबंध हैं. राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ फोन पर वार्ता लंबी बातचीत हुई. ताइवान, रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान, अमेरिका से तेल और गैस की खरीद, कृषि उत्पादों की खरीद, सोयाबीन की मात्रा को 20 मिलियन टन तक बढ़ाना, हवाई जहाज के इंजन की डिलीवरी समेत कई विषयों पर बात हुई. विश्वास है कि मेरे राष्ट्रपति कार्यकाल के अगले 3 साल में दोनों के संबंध और ज्यादा मजबूत होंगे.
ट्रंप ने अप्रैल में चीन यात्रा का किया ऐलान
बता दें कि बीते दिन अमेरिका ने खनिज पदार्थों पर चर्चा के लिए कई देशों की बैठक बुलाई थी, जिसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात की. बैठक में रेयर अर्थ एलिमेंट्स और खनिज पदार्थों पर चीन के बढ़ते दबाव और कंट्रोल से निपटने की रणनीति पर विचार किया गया था. इसके बाद राष्ट्रपति जिनपिंग से फोन पर बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने अप्रैल महीने में अपनी चीन की यात्रा का ऐलान किया और अधिकारियों को तैयारी करने का निर्देश भी दिया.
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ट्रंप से बातचीत में जिनपिंग ने कही ये बातें
वहीं राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत में शी जिनपिंग ने कहा कि चीन-अमेरिका के संबंधों को उतार-चढ़ाव रहता है, बावजूद इसके वे ट्रंप के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं. समानता के आधार पर आपसी सम्मान और पारस्परिक लाभ के बार में सोचते हुए दोनों देशों आगे बढ़ेंगे तो एक-दूसरे की चिंताओं का समाधान ढूंढ सकते हैं. ताइवान का मुद्दा चीन- अमेरिका संबंधों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है और ताइवान को कभी भी चीन से अलग होने नहीं दिया जाएगा.
चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका को ताइवान को हथियारों की सप्लाई देनें में सावधानी बरतनी चाहिए.










