Venezueal Operation Story: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के खिलाफ 3 जनवरी 2026 की अलसुबह चलाए गए ऑपरेशन एबसॉल्यूट रिजॉल्व की कहानी बताई है. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन स्टार्ट करने से पहले पूरे वेनेजुएला की बिजली काट दी थी. कंप्लीट इलेक्ट्रिसिटी शटडाउन और ब्लैकआउट किया था, फिर अमेरिकी सेना के 150 फाइटर जेट वेनेजुएला में घुसे थे. पहले से तय टारगेट्स पर हमला करके निकोलस मादुरो के घर पहुंचे और उसे गिरफ्तार किया.
After bombing Venezuela and abducting President Nicolás Maduro, Donald Trump said the US government is "going to run the country" until there is a "transition" to pro-US leadership.
He boasted that "very large" US corporations will exploit its oil.
This is blatant colonialism. pic.twitter.com/Cy44HmRdpG---विज्ञापन---— Ben Norton (@BenjaminNorton) January 3, 2026
आम लोग नहीं थे अमेरिकी सेना का टारगेट
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान लोगों के घरों में कैंडल जल रही थी, लेकिन लाइट नहीं थी. ऊपर आसमान में फाइटर जेट मंडरा रहे थे और धमाके हो रहे थे तो लोग डर के मारे घरों से बाहर नहीं निकले, इसलिए कोई जानी नुकसान नहीं हुआ. अमेरिकी सेना को साफ-साफ शब्दों में समझाया गया था कि रिहायशी इलाकों और आम लोगों को निशाना नहीं बनाना है. आसमान में फाइटर जेट थे और जमीन पर सेना के जवान रास्ते साफ करते हुए मादुरो के घर की ओर बढ़ रहे थे.
इलेक्ट्रिसिटी शटडाउन सबसे अच्छा ऑप्शन
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि पूरे ऑपरेशन में अमेरिकी सेना का कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिप वेनेजुएला के सिक्योरिटी गार्ड और सेना के जवान मारे गए. रणनीति के अनुसार, इलेक्ट्रिसिटी शटडाउन सबसे अच्छा तरीका था, लोगों की जान बचाने का. बेहद शानदार और अविश्वसनीय ऑपरेशन था. अमेरिकी सेना सिर्फ मादुरो को लेने आई थी और पूरा ऑपरेशन सिर्फ तेल के लिए चलाया गया और अमेरिका सिर्फ तेल अपने पास रखेगा, वेनेजुएला पर कब्जा करने का कोई इरादा नहीं है.
‘धरती के नरक’ में बंद हैं राष्ट्रपति मादुरो, जानिए क्यों बदनाम है अमेरिका की ये जेल?
वेनेजुएला का तेल अमेरिका के पास ही रहेगा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि साल 2016 में ही कह दिया था कि वेनेजुएला पर कार्रवाई करनी होगी और अगर उनके मेरे कार्यकाल में कार्रवाई होगी तो तेल अमेरिका के पास ही रहेगा. ऐसा हुआ और अब तेल अमेरिका ही रखेगा, वहां उत्पादन को लेकर नई व्यवस्थाएं बनाएगा. तेल कंपनियां पैसा खर्च करेंगी और तेल व्यापार करके रेवेन्यू कमाएंगी. हालांकि वेनेजुएला की नई सरकार अभी इसके लिए तैयार नहीं है, लेकिन उसे अमेरिका की शर्तें माननी ही होगी, नहीं तो कार्रवाई झेलेंगे.










