Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

दुनिया

मिडिल ईस्ट में फिर कुछ बड़ा होने वाला है‌? अमेरिका के 2500 मरीन और जंगी जहाज तैनात, अब क्या है ट्रंप का प्लान?

Middle East War: अमेरिका ने फिर मिडिल ईस्ट में बड़ी तैनाती की है और ईरान के खिलाफ कोई बड़ा प्लान बनाया है। शायद राष्ट्रपति ट्रंप की योजना ईरान में जमीनी सैन्य कार्रवाई करने की है। पहले से 3 जंगी जहाज मिडिल ईस्ट में तैनात हैं और अब 2500 मरीन भी जहाजों के साथ तैनात कर दिए हैं।

Author
Edited By : Khushbu Goyal Updated: Mar 14, 2026 07:47
Middle East War
अमेरिकी सेना के 3 युद्धपेात पहले से मिडिल ईस्ट की जंग में तैनात हैं।

US Marines Deployment: मिडिल ईस्ट में संघर्ष बढ़ता जा रहा है और चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के ऑयल एक्सपोर्ट हब खर्ग आइलैंड पर हमला करने का दावा किया है। इस बीच संकेत मिले हैं कि अब मिडिल ईस्ट एक बार फिर कुछ बड़ा होने वाला है। क्योंकि अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में 2500 मरीन और समुद्र के साथ-साथ जमीन से हमला करने वाले युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। ऐसे में लगता है कि ट्रंप ने अब ईरान के खिलाफ कोई बड़ा प्लान बनाया है।

ट्रंप ने दबाई ईरान की ‘कमजोर नस’, खर्ग आइलैंड पर अमेरिकी सेना का हमला, दुश्मन का कितना हुआ नुकसान?

---विज्ञापन---

मरीन कॉर्प्स की 33वीं यूनिट तैनात

सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी सेना की 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट और जमीन से हमला करने वाले जहाज USS ट्रिपोली को मिडिल ईस्ट की ओर रवाना होने का आदेश दिया गया है। अमेरिका ने यह तैनाती तब की है, जब ईरान सरेंडर करने को तैयार नहीं है और वह अरब देशों पर लगातार हमले कर रहा है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करके दुनियाभर के कई देशों में तेल और गैस का संकट खड़ा कर दिया है। ऐसे में अब शायद अमेरिका की तैयारी जमीनी सैन्य कार्रवाई करने की है।

अमेरिका के सबसे घातक कमांडो

सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने अपनी जिस सेना को अब मिडिल ईस्ट के रण में उतारा है, वह सबसे खतरनाक, खूंखार, घातक कमांडो क सेना है। यह सेना समुद्र से जमीन पर और समुद्र-जमीन दोनों से हमला करने की माहिर है। मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट को संकट के लिए तैयार और तैनात किया जाता है। समुद्र के रास्ते सैन्य कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित किए जाते हैं, लेकिन दूतावासों की सुरक्षा, फंसे नागरिकों को निकालना और मानवीय आपदाओं में सहायता करना इनकी जिम्मेदारी होती है।

---विज्ञापन---

जापान से ईरान आने में हफ्ता लगेगा

बता दें कि 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट, USS ट्रिपोली और मरीन सैनिकों को लेकर चलने वाले जहाज वर्तमान में जापान में तैनात हैं और प्रशांत महासागर में एक्टिव हैं। इस सेना केा ईरान पहुंचने में एक सप्ताह से ज्यादा लग सकता है। इसलिए तो राष्ट्रपति ट्रंप धमकी दे रहे हैं कि अगले हफ्ते ईरान पर सबसे खतरनाक और घातक हमला हो सकता है। क्योंकि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बाधित कर रहा है और चेतावनी-रिक्वेस्ट के बावजूद वह होर्मुज स्ट्रेट को बाधित करने की धमकी दे रहा है।

ईरान की अंडरग्राउंड आर्मी ‘कामिकेज’ लॉन्च, होर्मुज स्ट्रेट में तैनात होंगे सुसाइड ड्रोन-मिसाइल, अमेरिका को पलटवार की तैयारी

ईरान के साथ लेबनान में भी संकट

बता दें कि ईरान के साथ-साथ लेबनान में भी मानवीय संकट गहरा गया है। इजरायल ने ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह लड़ाकों को निशाना बनाकर हमले किए, जिनमें करीब 800 लोगों की मौत हो चुकी है। 8.5 लाख लोग विस्थापित हो गए हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और बढ़ती अस्थिरता का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ रहा है। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत बढ़कर लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के समय की तुलना में लगभग 40% अधिक है।

First published on: Mar 14, 2026 06:22 AM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.