UP Assembly by Election

UP Assembly By-Election 2024 : जयंत चौधरी के हाथ से क्यों फिसल रहा जाटलैंड? जाटों का बड़ा खुलासा

UP Assembly By-Election 2024 : उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के बाद अब सबकी निगाहें विधानसभा उप चुनाव टिकी हैं। सभी राजनीतिक पार्टियां विधानसभा की खाली 10 सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए अभी से रणनीति बना रही हैं। हालांकि, अभी तक उपचुनाव की तारीख का ऐलान नहीं हुआ है।

UP Assembly By-Election 2024 : लोकसभा चुनाव के नतीजों ने इस बार सबको चौंका दिया और अब यूपी विधानसभा उपचुनाव की बारी है। पश्चिमी यूपी में जयंत चौधरी के एनडीए में शामिल होने के बाद भी भाजपा को बड़ा झटका लगा, जबकि अखिलेश यादव की साइकिल खूब दौड़ी। स्थानीय मतदाताओं का कहना है कि भाजपा को लेकर जाटों में नाराजगी थी, इसलिए जाटों का वोटर बंट गया। अब बड़ा सवाल उठता है कि आखिर जयंत चौधरी के हाथ से जाटलैंड क्यों फिसल रहा है। आइए वीडियो के जरिए समझते हैं।

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जाटलैंड के मतदाताओं ने News 24 से खास बातचीत में बड़ा खुलासा किया। एक व्यक्ति ने कहा कि 40 से 50 प्रतिशत जाटों का रुझान भाजपा की ओर था और बाकी लोग अन्य पार्टी में चले गए। एक अन्य ने कहा कि जाट समुदाय यह तो भाजपा या फिर आरएलडी में रहता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। किसान आंदोलन को लेकर जाटों में नाराजगी थी। जयंत चौधरी के एनडीए में शामिल होने की वजह से जाट वोट कट गए। अगर 7 सीटों पर आरएलडी के उम्मीदवार लड़ते तो सभी जीत जाते। जीतन राम मांझी सीनियर लीडर हैं, इसलिए उन्हें कैबिनेट पद मिला। एक अन्य जाट मतदाता का मानना है कि मांझी के सारे वोटरों ने भाजपा को वोट दिया या फिर HAM को, लेकिन जाटों का सारा वोट भाजपा को नहीं मिला। इस वजह से मांझी को कैबिनेट मंत्री और जयंत चौधरी को राज्य मंत्री का पद मिला।

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