Mangal Grah Effect On Life & Remedy: मंगल ग्रह को ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के सेनापति का स्थान प्राप्त है, जिसका व्यक्ति की सफलता व असफलता के पीछे खास योगदान होता है. प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति कमजोर होती है तो उसे एक या दो नहीं बल्कि विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
मंगल कब देता है अशुभ फल?
- जिन लोगों की कुंडली के छठे व दसवें भाव पर मंगल की दृष्टि होती है, उन्हें बुरी नजर जल्दी लगती है और उनके ऊपर जादू-टोना जल्दी हावी होता है.
- कुंडली में मंगल का एकादश भाव में होना डायबिटीज के होने का कारण बन सकता है. इसके अलावा व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर और माइग्रेन की समस्या होती है.
- मंगल की महादशा में व्यक्ति यदि अपनी सेहत का ध्यान नहीं रखता है तो उसके शरीर का कोई अंग डैमेज भी हो सकता है.
हालांकि, नियमित रूप से कुछ उपायों को करके मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव से बचा जा सकता है. उपायों के बारे में जानने के लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देखें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.









