Astro Remedies: अगर व्यक्ति की बाईं नासिका से सांस चलती है तो इसके कारण पित्त की बजाय कफ बढ़ता है. इसके कारण शरीर में शीत की मात्रा बढ़ती है. लेकिन अगर बाईं की बजाय दाईं नासिका से सांस चलती है तो इससे शरीर में एसिड यानी अम्लता बढ़ती है. किसी एक नासिका के अधिक चलने के कारण शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है. अगर यह सही चलता है तो सेहत अच्छी रहती है.
अगर 54 मिनट एक नासिका और अगले 54 मिनट दूसरी नासिका चलनी चाहिए. लेकिन बीमारी के कारण ऐसा नहीं होता है. ऐसी स्थिति में एक ही नासिक कई घंटों तक चलती है. शरीर के अधिक गर्म होने, लू लगने और पित्त की समस्या होने पर दाहिनी करवट कुछ देर के लिए लेट जाएं. इससे बाईं नासिका चलना शुरू हो जाएगी. सर्दी-जुकाम बढ़ जाए तो कुछ देर बाईं करवट से लेट जाएं इससे दाईं नासिक चलेगी और शरीर में गर्मी आएगी. इससे सर्दी जुकाम में आराम मिलेगा. इसके बारे में अधिक जानने के लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देखें.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.









