मुख्य बिंदु
- NHAI ने NH-44 पर घरौंदा टोल प्लाजा पर MLFF टोलिंग शुरू की है.
- गाड़ियां बिना रुके या स्पीड कम किए टोल प्लाजा से गुजर सकती हैं.
- इस सिस्टम में FASTag, कैमरे और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक सेंसर का इस्तेमाल होता है.
- इसी तरह की MLFF टेक्नोलॉजी पहले से ही गुजरात, दिल्ली और राजस्थान में काम कर रही है.
- वाहन चालकों को ज्यादा बैलेंस वाले एक्टिव FASTag और ठीक से लगी HSRPs रखनी चाहिए.
NHAI Introduces Free Flow Tolling at Gharaunda: नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने एनएच-44 के पानीपत-जालंधर रूट पर स्थित घरौंदा टोल प्लाजा पर अपना एडवांस्ड मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोल कलेक्शन सिस्टम शुरू किया है. ये पहल सरकार की उस कोशिश का हिस्सा है जिसके तहत टेक्नोलॉजी और बिना रुकावट वाली यात्रा के जरिए हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मॉडर्न बनाया जा रहा है.
गाड़ियों को रुकना नहीं पड़ेगा
ट्रेडिशन टोल प्लाजा के उलट, जहां गाड़ियों को धीमा करना या रोकना पड़ता है, MLFF सिस्टम गाड़ियों के सामान्य हाईवे स्पीड पर चलते रहने के दौरान भी आसानी से टोल कलेक्शन की सुविधा देता है. ये टेक्नोलॉजी ओवरहेड गैंट्री पर निर्भर करती है, जिनमें हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे, इलेक्ट्रॉनिक सेंसर और FASTag-बेस्ड इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) सिस्टम लगे होते हैं. ये सिस्टम ट्रैफिक के फ्लो में रुकावट डाले बिना गाड़ियों की पहचान करते हैं और टोल चार्ज काट लेते हैं.
इन टोल प्लाजा पर शुरू हो चुकी है सेवा
NHAI के मुताबिक, ये नया सिस्टम पहले ही गुजरात के चोरयासी टोल प्लाजा, दिल्ली के मुंडका टोल प्लाजा और राजस्थान के दौलतपुरा टोल प्लाजा पर शुरू किया जा चुका है. घरौंदा में इसका विस्तार पूरे भारत में एक तेज, स्मार्ट और ज्यादा कुशल हाईवे नेटवर्क बनाने की दिशा में एक और कदम है.
यह भी पढ़ें- यूपी में बनने जा रहा है 700 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड सुपर एक्सप्रेसवे, इन 22 जिलों में होगी कनेक्टिविटी
लोगों का बचेगा वक्त
अथॉरिटी का मानना है कि बिना रुकावट वाले टोलिंग सिस्टम से यात्रा का समय काफी कम होगा, फ्यूल की बचत होगी, जाम कम होगा और सड़कें ज्यादा सुरक्षित होंगी. टोल प्लाजा पर लंबी लाइनें खत्म होने से गाड़ियों से होने वाला प्रदूषण भी कम होने की उम्मीद है.
इन बातों का रखें ख्याल
NHAI ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे ये एनश्योर करें कि उनके FASTag अकाउंट में काफी बैलेंस हो, FASTag स्टिकर गाड़ी की विंडशील्ड पर ठीक से लगा हो, और टोल ट्रांजैक्शन आसानी से होने के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट्स (HSRPs) साफ और साफ तौर पर दिखाई देने वाली हों.
निष्कर्ष
बिना रुकावट वाली टोलिंग भारत के हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर में एक बड़ी प्रगति है. ऑटोमैटिक टोल कलेक्शन के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके, NHAI का मकसद यात्रा की क्षमता बढ़ाना, जाम कम करना, फ्यूल बचाना और प्रदूषण कम करना है. जैसे-जैसे MLFF का विस्तार पूरे देश में हो रहा है, उम्मीद है कि यह यात्रा का तेज, सुरक्षित और ज्यादा सुविधाजनक अनुभव देगा और साथ ही आधुनिक सड़क परिवहन नेटवर्क के विकास में भी मदद करेगा.
मुख्य बिंदु
- NHAI ने NH-44 पर घरौंदा टोल प्लाजा पर MLFF टोलिंग शुरू की है.
- गाड़ियां बिना रुके या स्पीड कम किए टोल प्लाजा से गुजर सकती हैं.
- इस सिस्टम में FASTag, कैमरे और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक सेंसर का इस्तेमाल होता है.
- इसी तरह की MLFF टेक्नोलॉजी पहले से ही गुजरात, दिल्ली और राजस्थान में काम कर रही है.
- वाहन चालकों को ज्यादा बैलेंस वाले एक्टिव FASTag और ठीक से लगी HSRPs रखनी चाहिए.
NHAI Introduces Free Flow Tolling at Gharaunda: नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने एनएच-44 के पानीपत-जालंधर रूट पर स्थित घरौंदा टोल प्लाजा पर अपना एडवांस्ड मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोल कलेक्शन सिस्टम शुरू किया है. ये पहल सरकार की उस कोशिश का हिस्सा है जिसके तहत टेक्नोलॉजी और बिना रुकावट वाली यात्रा के जरिए हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मॉडर्न बनाया जा रहा है.
गाड़ियों को रुकना नहीं पड़ेगा
ट्रेडिशन टोल प्लाजा के उलट, जहां गाड़ियों को धीमा करना या रोकना पड़ता है, MLFF सिस्टम गाड़ियों के सामान्य हाईवे स्पीड पर चलते रहने के दौरान भी आसानी से टोल कलेक्शन की सुविधा देता है. ये टेक्नोलॉजी ओवरहेड गैंट्री पर निर्भर करती है, जिनमें हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे, इलेक्ट्रॉनिक सेंसर और FASTag-बेस्ड इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) सिस्टम लगे होते हैं. ये सिस्टम ट्रैफिक के फ्लो में रुकावट डाले बिना गाड़ियों की पहचान करते हैं और टोल चार्ज काट लेते हैं.
इन टोल प्लाजा पर शुरू हो चुकी है सेवा
NHAI के मुताबिक, ये नया सिस्टम पहले ही गुजरात के चोरयासी टोल प्लाजा, दिल्ली के मुंडका टोल प्लाजा और राजस्थान के दौलतपुरा टोल प्लाजा पर शुरू किया जा चुका है. घरौंदा में इसका विस्तार पूरे भारत में एक तेज, स्मार्ट और ज्यादा कुशल हाईवे नेटवर्क बनाने की दिशा में एक और कदम है.
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लोगों का बचेगा वक्त
अथॉरिटी का मानना है कि बिना रुकावट वाले टोलिंग सिस्टम से यात्रा का समय काफी कम होगा, फ्यूल की बचत होगी, जाम कम होगा और सड़कें ज्यादा सुरक्षित होंगी. टोल प्लाजा पर लंबी लाइनें खत्म होने से गाड़ियों से होने वाला प्रदूषण भी कम होने की उम्मीद है.
इन बातों का रखें ख्याल
NHAI ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे ये एनश्योर करें कि उनके FASTag अकाउंट में काफी बैलेंस हो, FASTag स्टिकर गाड़ी की विंडशील्ड पर ठीक से लगा हो, और टोल ट्रांजैक्शन आसानी से होने के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट्स (HSRPs) साफ और साफ तौर पर दिखाई देने वाली हों.
निष्कर्ष
बिना रुकावट वाली टोलिंग भारत के हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर में एक बड़ी प्रगति है. ऑटोमैटिक टोल कलेक्शन के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके, NHAI का मकसद यात्रा की क्षमता बढ़ाना, जाम कम करना, फ्यूल बचाना और प्रदूषण कम करना है. जैसे-जैसे MLFF का विस्तार पूरे देश में हो रहा है, उम्मीद है कि यह यात्रा का तेज, सुरक्षित और ज्यादा सुविधाजनक अनुभव देगा और साथ ही आधुनिक सड़क परिवहन नेटवर्क के विकास में भी मदद करेगा.