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ऑफिस से छुट्टी लेकर नहीं जा पा रहे लोक अदालत? अब चलान माफी के लिए दिल्ली में शुरू होंगे वीकेंड ट्रैफिक कोर्ट्स

Delhi traffic challans: दिल्ली में ट्रैफिक चालान माफी के लिए अक्सर लोक अदालत का रुख करना पड़ता है, लेकिन इस काम के लिए कई बार ऑफिस से छुट्टी लेना मुश्किल हो जाता है, ऐसे में उनके लिए वीकेंड ट्रैफिक कोर्ट्स शुरू करने का ऐलान किया गया है.

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मुख्य बिंदु

  • वीकेंड ट्रैफिक कोर्ट्स 5 जुलाई, 2026 से काम करना शुरू करेंगी.
  • कोर्ट्स महीने के दूसरे शनिवार और हर रविवार को चलेंगी.
  • कार्यवाही सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच होगी.
  • इन कोर्ट्स के जरिए सिर्फ कंपाउंडेबल ट्रैफिक अपराधों को ही निपटाया जा सकता है.
  • गाड़ी चलाने वाले UPI, BBPS और दूसरे डिजिटल पेमेंट तरीकों से जुर्माना भर सकते हैं.

Weekend Traffic Courts In Delhi: ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों के बड़े बैकलॉग को कम करने के मकसद से, दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स ने वीकेंड ट्रैफिक कोर्ट्स (WTCs) शुरू करने का ऐलान किया है. ये स्पेशल कोर्ट्स राजधानी के सभी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट कॉम्प्लेक्स में हर महीने के दूसरे शनिवार और हर रविवार को काम करेंगी.

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नहीं लेनी पड़ेगी ऑफिस से लीव

अधिकारियों के मुताबिक, इस पहल का मकसद गाड़ी मालिकों को पेंडिंग ट्रैफिक चालान निपटाने का एक आसान तरीका देना है, ताकि उन्हें रेगुलर कामकाजी दिनों में छुट्टी न लेनी पड़े. वीकेंड ट्रैफिक कोर्ट्स में कोर्ट की कार्यवाही सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच होगी.

कब से शुरू होगी सुविधा?

ये फैसिलिटी 5 जुलाई, 2026 से शुरू होगी और इसमें सिर्फ कंपाउंडेबल (जुर्माना भरकर निपटाए जा सकने वाले) ट्रैफिक अपराधों को देखा जाएगा, जिन्हें तय फाइन भरकर सुलझाया जा सकता है. ज्यादा गंभीर, नॉन-कंपाउंडेबल उल्लंघनों को रेगुलर न्यायिक प्रक्रियाओं के जरिए ही निपटाया जाता रहेगा.

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यह भी पढ़ें- पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट के लिए सरकार ला सकती है नया नियम, जानिए क्या होंगे बदलाव

कोर्ट की टाइमिंग

गाड़ी चलाने वाले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पोर्टल पर अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर इस्तेमाल करके अपने चालान ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं. चालान डाउनलोड करते वक्त, यूजर्स को कोर्ट कॉम्प्लेक्स, सुनवाई की तारीख और अपनी पसंद का टाइम स्लॉट चुनना होगा. अवेलेबल स्लॉट में सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और दोपहर 2:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक का वक्त शामिल है. सुनवाई के दिन चालान की प्रिंटेड कॉपी साथ ले जानी होगी.

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रेगुलर कोर्ट्स पर घटेगा प्रेशर

अधिकारियों का मानना ​​है कि इस नए सिस्टम से रेगुलर कोर्ट्स पर दबाव कम होगा और लाखों पेंडिंग ट्रैफिक मामलों को तेजी से निपटाने में मदद मिलेगी. सेटलमेंट प्रोसेस को आसान बनाने के लिए UPI और भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) जैसे डिजिटल पेमेंट ऑप्शन भी अवेलेबल होंगे. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के डेटा से पता चलता है कि करोड़ों चालान और नोटिस अभी भी अनसुलझे हैं, जिससे मामलों को निपटाने और नियमों के पालन को बेहतर बनाने के लिए एक्स्ट्रा तरीकों की जरूरत का पता चलता है.

First published on: Jun 24, 2026 05:24 PM

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About the Author

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वो नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है. 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत करने के बाद, वो दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वो नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है. 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत करने के बाद, वो दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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