आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम में एक प्रेम कहानी ने सभी को हैरान कर दिया है, जहां एक युवती ने समाज और परिवार के विरोध के बावजूद अपने प्रेमी से शादी की. यह कहानी राजूपेटा की रहने वाली युवती और वेमुला शशि की है. दोनों की दोस्ती स्कूल के दिनों में 9वीं क्लास से शुरू हुई और समय के साथ यह दोस्ती गहरे प्यार में बदल गई.
युवक कद में छोटा है, लेकिन युवती ने उसकी शारीरिक बनावट को कभी महत्व नहीं दिया. उसने युवक के स्वभाव, भरोसे और उनके रिश्ते की मजबूती को ही प्राथमिकता दी. शशि जिला न्यायालय में अनुबंध पर काम करते हैं, जबकि युवती एक मेडिकल स्टोर में काम करती हैं.
शादी के दौरान उन्हें परिवार और समाज का विरोध झेलना पड़ा. धर्म और कद दोनों में अंतर होने के बावजूद, युवती अपने निर्णय पर अडिग रही. विरोध इतना बढ़ गया कि नवविवाहित जोड़े को अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस स्टेशन में शरण लेनी पड़ी. उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग की और साफ कर दिया कि वे किसी भी हाल में एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ेंगे.
युवती ने बताया कि उसने 9वीं क्लास में ही अपना दिल शशि को दे दिया था. यह कहानी दिखाती है कि सच्चा प्यार बाहरी दिखावे या समाज की धारणाओं से परे होता है और अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी बाधा इसे रोक नहीं सकती.










