क्या है सुवेंदु सरकार का 'गुंडा दमन कानून'? आज से हुआ लागू, गुंडागर्दी की तो बिना केस जेल में बिताओ 1 साल

विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद बंगाल में पहली बार सत्ता में आई भाजपा सरकार का यह एक बड़ा और अहम फैसला माना जा रहा है. सरकारी दस्तावेजों में इस कानून को ‘पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण विधेयक, 2026’ के नाम दर्ज किया गया है.

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पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार ने नियमों की अनदेखी करने वाले 252 मदरसों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का फरमान। CM सुवेंदु अधिकारी का फाइल फोटो

पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी सरकार आने के बाद से ही कई सख्त फैसले लिए जा चुके हैं. बंगाल की सुवेंदु सरकार ने प्रदेश में असामाजिक तत्वों और गुंडागर्दी पर नकेल कसने के लिए अब ‘गुंडा दमन कानून’ लागू कर दिया है. सरकार ने पहले विधानसभा सत्र में ही ‘एंटी क्राइम लॉ’ विधेयक पास करा लिया था, जिसे अब सोमवार, 13 जुलाई प्रदेश में लागू कर दिया गया है. इस नए कानून के तहत पुलिस को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को बिना औपचारिक केस दर्ज किए एक साल तक हिरासत में रखने की ताकत मिल गई है.

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गुंडागर्दी के खिलाफ सख्त बंगाल सरकार


गौरतलब है कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद बंगाल में पहली बार सत्ता में आई भाजपा सरकार का यह एक बड़ा और अहम फैसला माना जा रहा है. सरकारी दस्तावेजों में इस कानून को ‘पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण विधेयक, 2026’ के नाम दर्ज किया गया है. हालांकि, आम बोलचाल की भाषा में इसे ‘एंटी क्राइम लॉ’ या ‘गुंडा दमन कानून’ कहा जा रहा है.

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क्या है ‘गुंडा दमन कानून’?


सुवेंदु सरकार के इस कानून में पुलिस और प्रशासन को कई तरह की शक्तियां दी गई हैं. गुंडा दमन कानून की सबसे बड़ी शक्ति ये है कि पुलिस अब बिना चार्जशीट दाखिल किए या मुकदमा चलाए किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को पूरे एक साल तक हिरासत में रख सकती है. इसके साथ ही अपराध के जरिए कमाई गई अवैध संपत्ति को जब्त करने, बुलडोजर एक्शन और दंगे या हिंसा के दौरान सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर भरपाई के लिए दोषियों की संपत्तियों को कुर्क करने का भी प्रावधान है.

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जिलाबदर करने का भी अधिकार


यही नहीं, नए कानून के तहत पुलिस को हिस्ट्री शिटर अपराधियों और गुंडों को किसी खास इलाके या जिले से बाहर निकालने का आदेश देने का भी अधिकार मिल गया है. साथ ही अपराध या दंगे की आशंका होने पर पुलिस अब घटना घटित होने से पहले ही ऐसे संदिग्धों को हिरासत में ले सकेगी, जिससे किसी बड़ी वारदात को समय रहते रोका जा सके.

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Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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