उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने बुधवार को अरुणाचल प्रदेश को देश की एकता और सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम राज्य बताया. विधानसभा के विशेष सत्र में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अरुणाचल सिर्फ भारत का सीमावर्ती राज्य नहीं, बल्कि देश की तरक्की में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. उनके मुताबिक, केंद्र की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के बाद पूर्वोत्तर में विकास की संभावनाओं को नई गति मिली है और यह पूरा क्षेत्र आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा आधार बन सकता है. उपराष्ट्रपति ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश की सीमाएं देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. उन्होंने राज्य को सीमा का ‘गौरवशाली प्रहरी’ बताते हुए कहा कि यहां होने वाला विकास राष्ट्रीय विकास का ही हिस्सा है. उन्होंने अरुणाचल की अलग संस्कृति और प्राकृतिक संपदा की भी सराहना की और कहा कि राज्य में आगे बढ़ने की काफी संभावनाएं हैं.
वाजपेयी सरकार से लेकर मोदी सरकार तक पूर्वोत्तर पर जोर
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि पूर्वोत्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए केंद्र की सरकारें लगातार काम करती रही हैं. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए बताया कि इसी दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय बनाया गया था. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के जरिए पूर्वोत्तर पर अपना फोकस और बढ़ाया है. प्रधानमंत्री द्वारा क्षेत्र के आठ राज्यों को ‘अष्ट लक्ष्मी’ कहे जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे पूर्वोत्तर की क्षमता और महत्व को समझा जा सकता है.
---विज्ञापन---
इस साल पूर्वोत्तर के लिए 6,800 करोड़ से ज्यादा
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने बताया कि मौजूदा साल के केंद्रीय बजट में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के लिए 6,800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि रखी गई है. उन्होंने कहा कि यह बताता है कि केंद्र सरकार इस क्षेत्र के विकास को लगातार प्राथमिकता दे रही है.
जंगल और जैव विविधता अरुणाचल की बड़ी ताकत
अरुणाचल प्रदेश की प्राकृतिक संपदा का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि राज्य का करीब 79 प्रतिशत क्षेत्र जंगलों से ढका हुआ है. यहां मौजूद जंगल, नदियां और जैव विविधता पर्यावरण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि ये प्राकृतिक संसाधन देश की पर्यावरणीय सुरक्षा को मजबूत करने के साथ जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी मदद करते हैं.
---विज्ञापन---
कीवी उत्पादन में देश में आगे निकला राज्य
उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में कृषि क्षेत्र की प्रगति का भी उल्लेख किया. उनके अनुसार, राज्य अब देश में कीवी का सबसे बड़ा उत्पादक बन चुका है. किसानों को उनकी जमीन की स्थिति और बेहतर खेती की जानकारी देने के लिए एक लाख से ज्यादा मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी जारी किए गए हैं. उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय पहले के मुकाबले दोगुने से अधिक हो चुकी है. इसके अलावा सड़क निर्माण की गति भी बढ़ी है और अब हर साल करीब 1,800 किलोमीटर सड़क बनाई जा रही है. उन्होंने कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचा और प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल अरुणाचल प्रदेश के साथ पूरे पूर्वोत्तर के विकास को नई रफ्तार दे सकता है.
---विज्ञापन---