डेस्क जॉब करने वालों को करना चाहिए ताड़ासन, Baba Ramdev ने बताया Tadasana करने का तरीका

How To Do Tadasana: योगगुरु बाबा रामदेव से जानिए किस तरह आसानी से ताड़ासन किया जा सकता है. डेस्क जॉब करने वाले लोगों को खासतौर से इस योग को करने पर फायदा मिलता है.

Tadasana Benefits

यहां जानिए ताड़ासन करने का सही तरीका. Image Credits - ANI/AI

Tadasana Benefits: डेस्क जॉब करने वाले लोगों के लिए अक्सर ही अपनी फिटनेस को मैनेज करना मुश्किल होता है. खासकर ऑफिस में घंटों तक बैठे रहने से पोस्चर पर असर पड़ता है और कमर, गर्दन और हड्डियों के दर्द की शिकायत भी हो जाती है. ऐसे में घर पर रोजाना ताड़ासन किया जा सकता है. 5 मिनट के लिए किए जाने वाले इस आसन से शरीर को ढेरों फायदे मिल जाते हैं. योगगुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev) से जानिए ताड़ासन किस तरह और कितनी देर तक करना चाहिए.

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बाबा रामदेव ने बताया कैसे करें ताड़ासन

ताड़ासन करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं. अपने दोनों हाथों को शरीर के दोनों तरफ रखें. इसके बाद हाथों को बगल से ही सीधे-सीधे उठाएं और सिर के ऊपर ले जाकर आपस में बांध लें. अब सिर से लगाकर हाथों को सिर के ऊपर तक गहरी सांस लेते हुए लेकर जाएं और हाथ ऊपर उठाकर सांस लें. हथेलियां ऊपर की ओर होंगी. अपने पैर के पंजों के बल पर एड़ियों को भी ऊपर उठाएं. इस पोज को 1 मिनट तक होल्ड करें और फिर धीरे-धीरे हाथों को नीचे ले आएं.

कितनी बार करें ताड़ासन

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बाबा रामदेव का कहना है कि इस योग को 1 से 5 बार तक किया जा सकता है. 1 मिनट से 5 मिनट तक इस योग को कर सकते हैं.

ताड़ासन करने के क्या फायदे होते हैं

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पोस्चर अवेयरनेस के लिए – ताड़ासन करने पर पूरे शरीर की अलाइनमेंट ठीक होती है. ताड़ासन से पोस्चर बेहतर होता है और सिर, गर्दन, कंधों और कमर को भी इस आसन से फायदा मिलता है.

मसल टेंशन होती है कम – ताड़ासन करने से छाती खुलती है, रीढ़ खुलती है और पैरों की मसल्स भी काम करती हैं. खासकर लंबे समय तक बैठे रहने पर पैरों की मसल्स सुस्त पड़ जाती हैं. ऐसे में ताड़ासन करने से मसल्स की टेंशन कम होती है.

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ब्रीदिंग बेहतर होती है – ताड़ासन करने का एक फायदा यह भी है कि यह ब्रीदिंग को बेहतर करता है. इससे छाती खुलती है और फेफड़े भी खुलने लगते हैं जिससे सांस बेहतर आती है. इससे ऑक्सीजन और एनर्जी का फ्लो बेहतर हो जाता है.

किसे नहीं करना चाहिए ताड़ासन

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जिन लोगों को चक्कर आने की दिक्कत है, ब्लड प्रेशर कम रहता है, कोई चोट लगी है या सर्जरी हुई है उन्हें आमतौर पर ताड़ासन करने से मना किया जाता है. इसके अलावा प्रेग्नेंसी में महिलाओं को ताड़ासन ना करने के लिए कहा जाता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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