राजधानी दिल्ली के न्यू सीमापुरी इलाके में बुधवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया. यहां स्थित एक चार मंजिला रिहायशी इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई. इमारत गिरते ही इलाके में धूल का गुबार छा गया और चीख-पुकार मच गई. इस भीषण हादसे में दो मासूम बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं. घटना बुधवार दोपहर की है, जब न्यू सीमापुरी की यह बहुमंजिला इमारत अचानक जमींदोज हो गई. स्थानीय लोगों के अनुसार, जोरदार धमाके जैसी आवाज के साथ पूरी इमारत मलबे के ढेर में बदल गई. घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस (DFS) और स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और बचाव कार्य शुरू किया गया.
DFS और NDRF का संयुक्त बचाव अभियान
हादसे की गंभीरता को देखते हुए नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) को भी तुरंत मौके पर बुलाया गया. अब दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीमें मिलकर संयुक्त रूप से राहत और बचाव अभियान चला रही हैं. राहत कर्मियों ने मलबे से आठ घायल लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज चल रहा है. वहीं, मलबे से तीन शव भी बरामद किए गए हैं, जिनमें दो बच्चे शामिल हैं.
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अधिकारियों के अनुसार, दोपहर करीब 3:30 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी. कॉल मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं. स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दल ने युद्धस्तर पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है. मलबे को हटाकर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है.
इस बीच दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है, ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन में कोई बाधा न पहुंचे. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, हादसे की वजह से सीमापुरी गोल चक्कर, डीएलएफ भोपुरा और इनसे जुड़े आसपास के सभी मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थम गई है. रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और लोगों की मदद में जुटी हैं, जिसके चलते सड़क पर जाम की स्थिति बन रही है.
मलबे को हटाने का काम तेज
घटनास्थल पर भारी मशीनें और कटर लगाए गए हैं ताकि कंक्रीट के बड़े स्लैब को हटाकर यह सुनिश्चित किया जा सके कि नीचे कोई और व्यक्ति न दबा हो. आसपास के पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता साफ रखा गया है. इमारत किस वजह से गिरी, प्रशासन इसकी जांच में जुट गया है.
ट्रैफिक पुलिस की लोगों से खास अपील
ट्रैफिक पुलिस ने सोशल मीडिया पर अलर्ट जारी करते हुए वाहन चालकों से अपील की है कि वे फिलहाल इस रूट से बचने की कोशिश करें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें. पुलिस ने कहा कि हर खाली लेन से एम्बुलेंस और राहत दल की गाड़ियां तेजी से घटनास्थल तक पहुंच सकेंगी. प्रशासन ने लोगों से सख्त हिदायत दी है कि हादसे वाली जगह के आसपास गाड़ियां न रोकें, न ही अवैध पार्किंग करें. इसके अलावा तमाशबीन बनकर वहां भीड़ न जुटाएं, जिससे राहत गाड़ियों को आने-जाने में परेशानी हो. मौके पर तैनात ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है ताकि इमरजेंसी सेवाएं बिना रुकावट काम कर सकें.
सत्य निकेतन हादसे के ठीक एक महीने बाद घटना
यह दर्दनाक हादसा दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए पीजी हादसे के ठीक एक महीने बाद सामने आया है. वहां 6 सितंबर को मरम्मत कार्य के दौरान इमारत गिरने से सात लोगों की जान चली गई थी. उस घटना के बाद से ही दिल्ली नगर निगम (MCD) अवैध निर्माणों, खतरनाक इमारतों और बिल्डिंग नियमों के उल्लंघन के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है. मंगलवार को भी निगम ने ओल्ड सीमापुरी समेत कई इलाकों में तोड़फोड़ अभियान चलाया था. सीमापुरी हादसे को लेकर अभी विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है.