UP Free Scooty Scheme: यूपी की छात्राओं को योगी सरकार का बड़ा तोहफा! 50 हजार लड़कियों को मिलेगी फ्री स्कूटी, जानिए किसे मिलेगा लाभ
UP Free Scooty Scheme 2026: यूपी की 50 हजार मेधावी छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत फ्री स्कूटी मिलेगी. इसके लिए ग्रेजुएशन में 80% नंबर और 12 लाख तक सालाना आय सीमा तय की गई है.
रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत यूपी में बंटेंगी 50 हजार स्कूटी
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UP Free Scooty Scheme: उत्तर प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए एक बेहद शानदार खबर आ रही है. राज्य की लगभग 50 हजार मेधावी छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत फ्री स्कूटी देने की तैयारी बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने इस योजना का पूरा प्रस्ताव तैयार कर लिया है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की होनहार बेटियों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी राह को आसान बनाना है. सरकार के इस कदम से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छात्राओं की भागीदारी और हौसला बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.
यूपी में किसे और किस आधार पर मिलेगी स्कूटी?
उच्च शिक्षा विभाग ने इस योजना का लाभ देने के लिए कुछ जरूरी नियम और शर्तें तय की हैं. इस योजना के तहत केवल उन्हीं छात्राओं को शामिल किया जाएगा जिनके परिवार की सालाना आय 10 से 12 लाख रुपये से कम होगी. इसके साथ ही योग्यता को परखने के लिए नंबरों का एक दायरा भी तय किया गया है. उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के मुताबिक, ग्रेजुएशन के पहले साल में 80 फीसदी या उससे ज्यादा नंबर लाने वाली छात्राओं को ही इस योजना का पात्र माना जाएगा. इस संबंध में विभाग ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों से 80, 85 और 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल करने वाली पहले साल की छात्राओं का पूरा डाटा भी जुटा लिया है.
छात्राओं को इस योजना के तहत पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी दी जाएगी. उच्च शिक्षा मंत्री ने साफ किया है कि स्कूटी वितरण को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए एक खास नियमावली यानी गाइडलाइन तैयार की जा रही है. इस गाइडलाइन के फाइनल होते ही स्कूटी बांटने की प्रक्रिया को जमीन पर उतार दिया जाएगा. सरकार का मानना है कि पेट्रोल स्कूटी मिलने से छात्राओं को कॉलेज आने-जाने में सुविधा होगी और वे बिना किसी ट्रांसपोर्ट की परेशानी के अपनी पढ़ाई को जारी रख सकेंगी. डाटा के आधार पर जल्द ही पात्र छात्राओं की फाइनल लिस्ट जारी कर दी जाएगी.
कॉलेजों में यूनिफॉर्म लागू करने पर विचार
स्कूटी योजना के अलावा प्रदेश के कॉलेजों में अनुशासन को बढ़ावा देने के लिए यूनिफॉर्म कोड लागू करने पर भी बड़ा अपडेट सामने आया है. उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में यूनिफॉर्म लागू करने के मामले का पूरा डाटा मंगवाकर उसका अध्ययन किया जा रहा है. सर्वे में यह बात सामने आई है कि प्रदेश के लगभग 75 प्रतिशत कॉलेजों में छात्र-छात्राएं पहले से ही यूनिफॉर्म पहनकर आ रहे हैं. फिलहाल इसके लिए सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक शासनादेश यानी सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन अनुशासन बनाए रखने के लिए बाकी बचे कॉलेजों में भी जल्द ही इसे अनिवार्य करने का आदेश जारी किया जा सकता है.
UP Free Scooty Scheme: उत्तर प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए एक बेहद शानदार खबर आ रही है. राज्य की लगभग 50 हजार मेधावी छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत फ्री स्कूटी देने की तैयारी बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने इस योजना का पूरा प्रस्ताव तैयार कर लिया है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की होनहार बेटियों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी राह को आसान बनाना है. सरकार के इस कदम से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छात्राओं की भागीदारी और हौसला बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.
यूपी में किसे और किस आधार पर मिलेगी स्कूटी?
उच्च शिक्षा विभाग ने इस योजना का लाभ देने के लिए कुछ जरूरी नियम और शर्तें तय की हैं. इस योजना के तहत केवल उन्हीं छात्राओं को शामिल किया जाएगा जिनके परिवार की सालाना आय 10 से 12 लाख रुपये से कम होगी. इसके साथ ही योग्यता को परखने के लिए नंबरों का एक दायरा भी तय किया गया है. उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के मुताबिक, ग्रेजुएशन के पहले साल में 80 फीसदी या उससे ज्यादा नंबर लाने वाली छात्राओं को ही इस योजना का पात्र माना जाएगा. इस संबंध में विभाग ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों से 80, 85 और 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल करने वाली पहले साल की छात्राओं का पूरा डाटा भी जुटा लिया है.
छात्राओं को इस योजना के तहत पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी दी जाएगी. उच्च शिक्षा मंत्री ने साफ किया है कि स्कूटी वितरण को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए एक खास नियमावली यानी गाइडलाइन तैयार की जा रही है. इस गाइडलाइन के फाइनल होते ही स्कूटी बांटने की प्रक्रिया को जमीन पर उतार दिया जाएगा. सरकार का मानना है कि पेट्रोल स्कूटी मिलने से छात्राओं को कॉलेज आने-जाने में सुविधा होगी और वे बिना किसी ट्रांसपोर्ट की परेशानी के अपनी पढ़ाई को जारी रख सकेंगी. डाटा के आधार पर जल्द ही पात्र छात्राओं की फाइनल लिस्ट जारी कर दी जाएगी.
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कॉलेजों में यूनिफॉर्म लागू करने पर विचार
स्कूटी योजना के अलावा प्रदेश के कॉलेजों में अनुशासन को बढ़ावा देने के लिए यूनिफॉर्म कोड लागू करने पर भी बड़ा अपडेट सामने आया है. उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में यूनिफॉर्म लागू करने के मामले का पूरा डाटा मंगवाकर उसका अध्ययन किया जा रहा है. सर्वे में यह बात सामने आई है कि प्रदेश के लगभग 75 प्रतिशत कॉलेजों में छात्र-छात्राएं पहले से ही यूनिफॉर्म पहनकर आ रहे हैं. फिलहाल इसके लिए सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक शासनादेश यानी सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन अनुशासन बनाए रखने के लिए बाकी बचे कॉलेजों में भी जल्द ही इसे अनिवार्य करने का आदेश जारी किया जा सकता है.