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‘मैं अपने बेटे को नहीं बचा सका’, शराबबंदी को लेकर केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर की भावनात्मक अपील

UP News: केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री कौशल किशोर ने लोगों से अपील की कि वे अपनी बेटियों और बहनों की शादी शराबियों से न करें। किशोर शनिवार को लंभुआ विधानसभा क्षेत्र में नशामुक्ति पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एक शराबी की उम्र बहुत कम होती है। उन्होंने […]

Edited By : Om Pratap | Updated: Dec 26, 2022 11:49
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UP News: केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री कौशल किशोर ने लोगों से अपील की कि वे अपनी बेटियों और बहनों की शादी शराबियों से न करें। किशोर शनिवार को लंभुआ विधानसभा क्षेत्र में नशामुक्ति पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एक शराबी की उम्र बहुत कम होती है। उन्होंने कहा कि एक रिक्शा चालक या एक मजदूर एक शराबी अधिकारी की तुलना में एक बेहतर दूल्हा साबित होगा।

जनता के बीच शेयर किया अपना निजी अनुभव

केंद्रीय मंत्री ने अपना निजी अनुभव बताते हुए कहा, ‘जब मैं एक सांसद के तौर पर और मेरी पत्नी एक विधायक के तौर पर अपने बेटे की जान नहीं बचा सके तो आम जनता कैसे ऐसा करेगी?’

उन्होंने कहा कि मेरे बेटे (आकाश किशोर) को अपने दोस्तों के साथ शराब पीने की आदत थी। उसे एक नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। यह मानते हुए कि वह बुरी आदत छोड़ देगा, छह महीने बाद उसकी शादी हो गई। हालांकि, शादी के बाद उसने फिर से शराब पीना शुरू कर दिया और आखिरकार दो साल पहले 19 अक्टूबर को आकाश की मौत हो गई। जब उसकी मौत हुई तब उसका बेटा बमुश्किल से दो साल का था।

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शराब से मौत का आंकड़ा भी रखा सामने

कौशल किशोर ने बताया, “मैं अपने बेटे को नहीं बचा सका, जिसके कारण उसकी पत्नी विधवा हो गई। आपको अपनी बेटियों और बहनों को इससे बचाना चाहिए।” मंत्री ने कहा, “स्वतंत्रता आंदोलन में 90 वर्षों की अवधि में 6.32 लाख लोगों ने अंग्रेजों से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी, जबकि नशे की लत के कारण हर साल लगभग 20 लाख लोग मारे जाते हैं।”

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उत्तर प्रदेश में मोहनलालगंज लोकसभा क्षेत्र से सांसद ने यह भी कहा कि लगभग 80 प्रतिशत कैंसर से होने वाली मौतें तंबाकू, सिगरेट और ‘बीड़ी’ की लत के कारण होती है। उन्होंने दर्शकों और अन्य संगठनों से नशामुक्ति कार्यक्रम का हिस्सा बनने और अपने परिवारों को बचाने का आग्रह किया। मंत्री ने कहा कि जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए सभी स्कूलों में नशामुक्ति अभियान चलाया जाए और सुबह की नमाज के दौरान ही बच्चों को इस संबंध में सलाह दी जाए।

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First published on: Dec 25, 2022 01:20 PM
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