Umesh Pal Case: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 24 फरवरी को हुए उमेश पाल हत्याकांड (Umesh Pal Case) में पुलिस ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। सामने आया है कि हत्या से पहले अतीक और अशरफ समेत सभी लोगों को कोड नेम (Code Name) दिए थे। अतीक का कोड नेम बड़े-006 (BADE-006) और अशरफ का कोड नेम छोटे-007 (CHOTE-007) था। साथ ही अतीक के बेटे असद का कोड नेम Ansh_yadav00 था।
फेसटाइम पर आपस में करते थे बात
जांच में सामने आया है कि उमेश पाल हत्याकांड से पहले सभी लोगों को आईफोन दिए गए थे। बताया गया है कि खुद अतीक अहमद के पास तीन आईफोन थे। सभी आरोपी आईफोन पर फेसटाइम (मोबाइल एप) पर बात करते थे। माना जाता है कि फेसटाइम पर बात करने का रिकॉर्ड नहीं रहता है, लेकिन पुलिस ने कैसे भी रिकॉर्ड को निकाल लिया है।
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हत्याकांड से पहले खरीदे थे 16 आईफोन
जांच में सामने आया है कि हत्याकांड से पूरी तैयारी की गई थी। योजना के तहत एक बड़े मोबाइल व्यापारी से 16 आईफोन खरीदे गए थे। इसके बाद सभी आरोपियों को ये फोन बांटे गए। अतीक अहमद के पास खुद तीन आईफोन थे। पुलिस ने व्यापारी के बेटे से पूछताछ की गई है। इस पूछताछ में पुष्टि की गई है कि उसे इन आईफोन का ऑर्डर दिया गया था।
जेल में बंद अली को भी दिया गया था कोड
उमेश पाल की हत्या से पहले और बाद में रेकी करने वाले नियाज को कोड नेम XYZZ1122 रखा गया था। इसके अलावा भी अतीक के गैंग में शामिल सभी गुर्गों को कोड नेम दिए गए थे। इनमें नैनी जेल में बंद अतीक के बेटे अली को भी कोड नेम दिया गया था। बता दें कि अतीक के गैंग की महिलाएं अभी भी फरार हैं।
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Umesh Pal Case: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 24 फरवरी को हुए उमेश पाल हत्याकांड (Umesh Pal Case) में पुलिस ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। सामने आया है कि हत्या से पहले अतीक और अशरफ समेत सभी लोगों को कोड नेम (Code Name) दिए थे। अतीक का कोड नेम बड़े-006 (BADE-006) और अशरफ का कोड नेम छोटे-007 (CHOTE-007) था। साथ ही अतीक के बेटे असद का कोड नेम Ansh_yadav00 था।
फेसटाइम पर आपस में करते थे बात
जांच में सामने आया है कि उमेश पाल हत्याकांड से पहले सभी लोगों को आईफोन दिए गए थे। बताया गया है कि खुद अतीक अहमद के पास तीन आईफोन थे। सभी आरोपी आईफोन पर फेसटाइम (मोबाइल एप) पर बात करते थे। माना जाता है कि फेसटाइम पर बात करने का रिकॉर्ड नहीं रहता है, लेकिन पुलिस ने कैसे भी रिकॉर्ड को निकाल लिया है।
हत्याकांड से पहले खरीदे थे 16 आईफोन
जांच में सामने आया है कि हत्याकांड से पूरी तैयारी की गई थी। योजना के तहत एक बड़े मोबाइल व्यापारी से 16 आईफोन खरीदे गए थे। इसके बाद सभी आरोपियों को ये फोन बांटे गए। अतीक अहमद के पास खुद तीन आईफोन थे। पुलिस ने व्यापारी के बेटे से पूछताछ की गई है। इस पूछताछ में पुष्टि की गई है कि उसे इन आईफोन का ऑर्डर दिया गया था।
जेल में बंद अली को भी दिया गया था कोड
उमेश पाल की हत्या से पहले और बाद में रेकी करने वाले नियाज को कोड नेम XYZZ1122 रखा गया था। इसके अलावा भी अतीक के गैंग में शामिल सभी गुर्गों को कोड नेम दिए गए थे। इनमें नैनी जेल में बंद अतीक के बेटे अली को भी कोड नेम दिया गया था। बता दें कि अतीक के गैंग की महिलाएं अभी भी फरार हैं।
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