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उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

UKSSSC पेपर लीक मामले का मुख्य आरोपी खालिद गिरफ्तार, बहन साबिया पर भी एक्शन

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तर की परीक्षा के पेपर लीक मामले में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले के कथित मास्टरमाइंड खालिद को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है। अब उसे देहरादून ले जाकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि आयोग के अध्यक्ष ने कहा है कि पूरे पेपर लीक का मामला नहीं है, केवल एक केंद्र से तीन पन्ने लीक हुए हैं।

Author By: News24 हिंदी Updated: Sep 23, 2025 23:51
UKSSSC
UKSSSC पेपर लीक मामले में आरोपी गिरफ्तार

UKSSSC पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पेपर लीक मामले के कथित मास्टरमाइंड को पुलिस ने पकड़ लिया है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने खालिद को हरिद्वार से पकड़ा है. अब उसे देहरादून ले जाने की व्यवस्था की जा रही है. जानकारी के अनुसार, हरिद्वार एसएसपी और देहरादून एसएसपी द्वारा खालिद से पूछताछ की जा रही है.

पेपर लीक होने के बाद उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने इस मामले की जांच की मांग की थी. स्नातक स्तर की परीक्षा के प्रश्नपत्र के कुछ पन्ने लीक होने से हड़कंप मच गया है. वहीं आयोग के अध्यक्ष गणेश सिंह मार्तोलिया ने कहा कि यह पेपर लीक का मामला नहीं है. एक केंद्र से प्रश्नपत्र के तीन पन्ने लीक हुए हैं. अगर वे लीक हुए हैं तो संभव है कि उन्हें कहीं और ले जाया गया हो या किसी ने हल किया हो.

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बताया गया कि सभी सेंटरों पर मोबाइल जैमर लगाए गए थे लेकिन दावा यह भी किया जा रहा है कि मोबाइल जैमर ठीक से काम नहीं कर रहे थे. अगर जैमर ठीक से काम कर रहे होते तो फोटो क्लिक होने के बाद बाहर कैसे भेजे गए? पेपर लीक मामले को लेकर सरकार पर सवाल खड़े हुए. कई जगहों पर प्रदर्शन शुरू हो गए. इसके बाद सरकार ने कड़ी कार्रवाई की बात कही थी.

इससे पहले मुख्य आरोपी की बहन को हिरासत में लिया गया था. सोमवार को ही साबिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.

पेपर लीक पर आयोग का बयान

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने कहा है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र के कुछ पन्नों के लीक होने की पुलिस जांच की मांग की है. आयोग के अध्यक्ष गणेश सिंह मार्तोलिया ने कहा, “यह पेपर लीक का मामला नहीं है. एक केंद्र से प्रश्नपत्र के तीन पन्ने लीक हुए हैं. अगर वे लीक हुए हैं तो संभव है कि उन्हें कहीं और ले जाया गया हो या किसी ने हल किया हो. सभी केंद्रों पर मोबाइल जैमर लगाए गए थे.

उन कहना था कि हम हैरान कि इतनी व्यवस्था के बाद भी कुछ पन्ने कैसे लीक हो गए? देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और विशेष कार्य बल (STF) को जांच के लिए पत्र लिखा गया. हम उस केंद्र की पहचान करने के लिए एक आंतरिक जांच कर रहे हैं, जहां से ये मामला जुड़ा हुआ है.

यह भी पढ़ें: उत्तराखण्ड ने हासिल की राजस्व अधिशेष की ऐतिहासिक उपलब्धि, सीएजी रिपोर्ट ने की पुष्टि

बता दें कि इस मामले में अन्य दो लोगों की भी गिरफ्तारी हुई है, जिसमें उत्तरकाशी निवासी हाकम सिंह और उसका साथी पंकज गौड़ शामिल है. इन पर 12 से 15 लाख रुपये में परीक्षा पास कराने का वादा करके लालच देने का आरोप है. इसमें से एक आरोपी पहले भी ऐसी ही मामले में गिरफ्तार हो चुका है.

First published on: Sep 23, 2025 07:04 PM

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