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उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

संभल मामले में बड़ा ट्विस्ट, ASP अनुज चौधरी पर FIR दर्ज करने का आदेश देने वाले जज का हुआ ट्रांसफर

संभल हिंसा मामले में एएसपी अनुज चौधरी समेत पुलिसकर्मियों पर एफआईआर का आदेश देने वाले जज विभांशु सुधीर का सुल्तानपुर तबादला कर दिया गया है. इस फैसले से हड़कंप मच गया है.

Author Written By: Raja Alam Updated: Jan 20, 2026 23:29

उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा के मामले में एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है. एएसपी अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर अनुज तोमर समेत करीब 20 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश देने वाले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) विभांशु सुधीर का अचानक तबादला कर दिया गया है. उन्हें संभल से सुल्तानपुर भेजा गया है. यह फैसला उस समय आया है जब उन्होंने संभल हिंसा में घायल हुए युवक आलम के पिता की याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए थे. अदालत का यह सख्त निर्देश संभल हिंसा के मामले में पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा था क्योंकि इसमें सीधे तौर पर बड़े अधिकारियों को नामजद करने की बात कही गई थी.

कोर्ट के फैसले को चुनौती

सीजेएम कोर्ट के इस कड़े आदेश के बाद संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मीडिया के सामने आकर अपनी स्थिति साफ कर दी थी. एसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि पुलिस इस आदेश के तहत फिलहाल कोई मुकदमा दर्ज नहीं करेगी. उनका तर्क था कि इस कानूनी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी और इसके खिलाफ अपील दायर की जाएगी. पुलिस प्रशासन का मानना है कि संभल हिंसा के दौरान अधिकारियों ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम किया था और उन पर एफआईआर दर्ज करना गलत होगा. पुलिस और न्यायपालिका के बीच इस सीधे टकराव ने पूरे जिले में तनाव और चर्चाओं का माहौल गरमा दिया है.

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तबादले पर उठते सवाल

सीजेएम विभांशु सुधीर के तबादले की खबर फैलते ही प्रशासनिक गलियारों और आम जनता के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. कई लोग इसे पुलिस अधिकारियों पर दिए गए आदेश से जोड़कर देख रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि क्या आदेश देने की वजह से ही जज को हटाया गया है. हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इस फेरबदल को एक नियमित प्रक्रिया बताया जा रहा है लेकिन समय को देखते हुए यह फैसला विवादों के घेरे में आ गया है. संभल हिंसा पहले से ही एक संवेदनशील मामला है और ऐसे नाजुक मोड़ पर न्याय करने वाले अधिकारी का ट्रांसफर होना लोगों के मन में कई तरह की शंकाएं पैदा कर रहा है.

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संभल हिंसा मामले में आगे क्या होगा?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस हाई प्रोफाइल मामले में आगे क्या होगा. जज के तबादले और पुलिस की अपील के बाद घायल युवक के परिवार की कानूनी लड़ाई अब और कठिन नजर आ रही है. संभल हिंसा में पुलिस की भूमिका को लेकर जो सवाल अदालत में उठाए गए थे उनका जवाब अब ऊपरी अदालतों में तलाश किया जाएगा. पीड़ित परिवार की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या उन्हें न्याय मिल पाएगा या फिर यह मामला लंबी कानूनी प्रक्रियाओं के बीच दबकर रह जाएगा. उत्तर प्रदेश की राजनीति और कानून व्यवस्था के लिहाज से भी यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है.

First published on: Jan 20, 2026 11:24 PM

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