Pregnant Woman Gave Birth Outside Hospital: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से सरकारी अस्पताल की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती को जब अस्पताल ले जाया गया, तो यहां उन्हें ताला बंद मिला। गर्भवती के परिजनों द्वारा अस्पताल के नाइट स्टाफ को कई बार फोन किया गया, लेकिन सब बेकार साबित हुआ। अंत में लेबर पेन से तड़प रही महिला की डिलीवरी कड़ाके की ठंड में अस्पताल परिसर में बने शेड में एक दाई की मदद से करवाई गई। ये घटना जिले के वाड्रफनगर विकासखंड के बरतीकला गांव की है।
https://twitter.com/pathan_kk/status/1734088714257604994
अस्पताल के गेट पर झूलता मिला ताला
जानकारी के अनुसार, बरतीकला गांव के रहने वाले शिव प्रसाद देवांगन की गर्भवती बहू को रविवार शाम से हल्का-हल्का लेबर पेन हो रहा था, जिसके लिए वो शाम को ही डॉक्टर को दिखाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आए थे। उस समय डॉक्टर ने उन्हें ये कहकर घर वापस भेज दिया था कि अभी डिलीवरी समय नहीं हुआ है। इसके बाद सभी घर वापस चले आए, लेकिन सोमवार को भोर में 4 बजे अचानक से गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसके बाद गर्भवती को स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां अस्पताल के गेट पर ताला झूल रहा था, और नाइट शिफ्ट में कोई स्फाट मौजूद नहीं था। ताला खोलने के लिए महिला के परिजनों ने कई बार अस्पताल के नाइट स्टाफ को फोन लगाया, लेकिन सामने से कोई मदद नहीं मिली। काफी देर तक परेशान रहने के बाद अस्पताल परिसर में बने शेड में ही दाई की मदद से महिला की डिलीवरी करवाई गई।
यह भी पढ़ें: अस्पताल के बाथरूम में महिला ने दिया बच्चे को जन्म, मौके पर नहीं था कोई डॉक्टर
सुबह 8 बजे अस्पताल प्रबंधन जागा और जच्चा-बच्चा को बेड में शिफ्ट किया गया। डॉक्टर के अनुसार, मां और बच्चा दोनों ही स्वास्थ्य है।
पहले भी हुआ ऐसा
कुछ दिनों पहले ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश में भोपाल के गांधीनगर सामुदायिक स्वास्थ केंद्र से भी सामने आया था। यहां एक गर्भवती ने अस्पताल के टॉयलेट में बच्चे को जन्म दिया था। इस मामले से गांधीनगर CHC अस्पताल की एक बड़ी लापरवाही को सामने आई थी।
https://youtu.be/869L8PeHcHw
Pregnant Woman Gave Birth Outside Hospital: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से सरकारी अस्पताल की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती को जब अस्पताल ले जाया गया, तो यहां उन्हें ताला बंद मिला। गर्भवती के परिजनों द्वारा अस्पताल के नाइट स्टाफ को कई बार फोन किया गया, लेकिन सब बेकार साबित हुआ। अंत में लेबर पेन से तड़प रही महिला की डिलीवरी कड़ाके की ठंड में अस्पताल परिसर में बने शेड में एक दाई की मदद से करवाई गई। ये घटना जिले के वाड्रफनगर विकासखंड के बरतीकला गांव की है।
अस्पताल के गेट पर झूलता मिला ताला
जानकारी के अनुसार, बरतीकला गांव के रहने वाले शिव प्रसाद देवांगन की गर्भवती बहू को रविवार शाम से हल्का-हल्का लेबर पेन हो रहा था, जिसके लिए वो शाम को ही डॉक्टर को दिखाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आए थे। उस समय डॉक्टर ने उन्हें ये कहकर घर वापस भेज दिया था कि अभी डिलीवरी समय नहीं हुआ है। इसके बाद सभी घर वापस चले आए, लेकिन सोमवार को भोर में 4 बजे अचानक से गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसके बाद गर्भवती को स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां अस्पताल के गेट पर ताला झूल रहा था, और नाइट शिफ्ट में कोई स्फाट मौजूद नहीं था। ताला खोलने के लिए महिला के परिजनों ने कई बार अस्पताल के नाइट स्टाफ को फोन लगाया, लेकिन सामने से कोई मदद नहीं मिली। काफी देर तक परेशान रहने के बाद अस्पताल परिसर में बने शेड में ही दाई की मदद से महिला की डिलीवरी करवाई गई।
यह भी पढ़ें: अस्पताल के बाथरूम में महिला ने दिया बच्चे को जन्म, मौके पर नहीं था कोई डॉक्टर
सुबह 8 बजे अस्पताल प्रबंधन जागा और जच्चा-बच्चा को बेड में शिफ्ट किया गया। डॉक्टर के अनुसार, मां और बच्चा दोनों ही स्वास्थ्य है।
पहले भी हुआ ऐसा
कुछ दिनों पहले ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश में भोपाल के गांधीनगर सामुदायिक स्वास्थ केंद्र से भी सामने आया था। यहां एक गर्भवती ने अस्पताल के टॉयलेट में बच्चे को जन्म दिया था। इस मामले से गांधीनगर CHC अस्पताल की एक बड़ी लापरवाही को सामने आई थी।