लोग अपनी सेहत का ख्याल रखने के लिए योग, अच्छा खाना और आयुर्वेदिक उपचार जैसे पारंपरिक तरीकों की तरफ बढ़ रहे हैं। इस क्षेत्र में पतंजलि आयुर्वेद एक अहम भूमिका निभा रहा है। योग गुरु बाबा रामदेव द्वारा शुरू की गई पतंजलि का कहना है कि उसके उत्पाद जैविक और हर्बल चीजों का इस्तेमाल करके बनाए जाते हैं। जिससे लोगों को सुरक्षित, ज्यादा प्राकृतिक ऑप्शन मिल सकें और लोग केमिकल से बनी चीजों से बच सकें। इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल शरीर को निरोगी बनाने के साथ-साथ मानसिक तौर पर भी स्वास्थ रखता है।
नेचुरल प्रोडक्ट्स
पतंजलि आयुर्वेद के प्रोडक्ट्स एकदम नेचुरल तरीके से बनाए जाते हैं। जिसमें अश्वगंधा, शतावरी, त्रिफला और तुलसी जैसे नेचुरल तत्व मिलाए जाते हैं। यह बॉडी को अंदर से मजबूत बनाने का काम करते हैं। इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल केवल बीमारियों का इलाज करना नहीं, बल्कि बॉडी की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाना है। पतंजलि का कहना है कि पतंजलि आयुर्वेद सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, यह मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य में भी मददगार है।
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लोगों के लिए कर रहे काम
पतंजलि कंपनी सेहत का ध्यान रखने के साथ-साथ समाज में भी लगातार अपना योगदान देती आ रही है। कोरोना महामारी के समय में पतंजलि ने बढ़-चढ़कर लोगों की मदद के लिए काम किया। उस दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाइयां और जरूरी मेडिकल हेल्प दी गईं। पतंजलि ऑर्गेनिक रिसर्च इंस्टीट्यूट से जैविक खेती के तरीकों को विकसित किया गया है। इसके अलावा, पतंजलि ने पर्यावरण संरक्षण के लिए भी कई कदम उठाए हैं। इसके लिए कंपनी स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर सेवा करती है, जिससे पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है।
मानसिक स्वास्थ्य में लाभकारी
इसके अलावा, पतंजलि आयुर्वेद की वजह से आज भी पुरानी परंपराएं देश-दुनिया में जिंदा हैं। पतंजलि की आयुर्वेदिक दवाओं पर लोगों का विश्वास लगातार बढ़ता जा रहा है। कहा जाता है कि इनके प्रोडक्ट्स को पुराने तरीकों से तैयार किया जाता है, जिसकी वजह से शरीर, मन और आत्मा का संतुलन भी बना रहता है।
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