Noida school closed over law violation: राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में उत्तर प्रदेश सरकार ने 14 स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया है। नगर जिला प्रशासन को इन स्कूलों में खामियां मिली थीं। ये स्कूल बिना किसी आधिकारिक मान्यता के चल रहे थे। जिसके बाद अब सरकार ने ताला लगाने के आदेश जारी किए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) धर्मवीर सिंह की ओर से पुष्टि की गई है।
उन्होंने बताया कि अधिकतर स्कूल नोएडा से सटे गांवों में चलाए जा रहे हैं। जिनको बंद किया जाएगा। सरकार की ओर से स्कूलों को लेकर हाल में सर्वे करवाया गया था। जिसका मुख्य काम 'बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009' के बारे में पता करना था। कितने स्कूल इस अधिनियम का पालन नहीं कर रहे, इस बारे में सरकार जानकारी जुटा रही थी। स्कूल संचालन के लिए सरकार से मान्यता जरूरी है।
सर्वे में सामने आई जानकारी, अब चलेगा प्रशासन का डंडा
लेकिन सर्वे में प्रशासन को 14 स्कूलों के बारे में जानकारी मिली, जो गैरकानूनी मिले। जिसके बाद सरकार ने इन स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी किए हैं। स्कूलों में अवैध तौर पर कक्षाएं चलाई जा रही थीं। अब जिला प्रशासन इन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने जा रहा है। विभाग के अफसरों की ओर से बताया गया है कि इनमें से 7 स्कूल हरौला से चलाए जा रहे हैं। चार स्कूल जलपुरा के शामिल किए गए हैं।
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वहीं, शाहदरा, छिजारसी और मंगरौली का एक-एक स्कूल इसमें है। इन स्कूलों में लगभग 150 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। अधिकारियों के कहना है कि गौतम बुद्ध नगर जिले के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लगभग 2 हजार से अधिक स्कूल चल रहे हैं। ये स्कूल आईसीएसई, उत्तर प्रदेश बोर्ड या सीबीएसई से संबद्ध हैं। विभाग की ओर से 14 स्कूलों को बंद करवाने की कवायद शुरू कर दी गई है।
https://youtu.be/R4NQQ7K6Q2M
Noida school closed over law violation: राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में उत्तर प्रदेश सरकार ने 14 स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया है। नगर जिला प्रशासन को इन स्कूलों में खामियां मिली थीं। ये स्कूल बिना किसी आधिकारिक मान्यता के चल रहे थे। जिसके बाद अब सरकार ने ताला लगाने के आदेश जारी किए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) धर्मवीर सिंह की ओर से पुष्टि की गई है।
उन्होंने बताया कि अधिकतर स्कूल नोएडा से सटे गांवों में चलाए जा रहे हैं। जिनको बंद किया जाएगा। सरकार की ओर से स्कूलों को लेकर हाल में सर्वे करवाया गया था। जिसका मुख्य काम ‘बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009’ के बारे में पता करना था। कितने स्कूल इस अधिनियम का पालन नहीं कर रहे, इस बारे में सरकार जानकारी जुटा रही थी। स्कूल संचालन के लिए सरकार से मान्यता जरूरी है।
सर्वे में सामने आई जानकारी, अब चलेगा प्रशासन का डंडा
लेकिन सर्वे में प्रशासन को 14 स्कूलों के बारे में जानकारी मिली, जो गैरकानूनी मिले। जिसके बाद सरकार ने इन स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी किए हैं। स्कूलों में अवैध तौर पर कक्षाएं चलाई जा रही थीं। अब जिला प्रशासन इन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने जा रहा है। विभाग के अफसरों की ओर से बताया गया है कि इनमें से 7 स्कूल हरौला से चलाए जा रहे हैं। चार स्कूल जलपुरा के शामिल किए गए हैं।
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वहीं, शाहदरा, छिजारसी और मंगरौली का एक-एक स्कूल इसमें है। इन स्कूलों में लगभग 150 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। अधिकारियों के कहना है कि गौतम बुद्ध नगर जिले के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लगभग 2 हजार से अधिक स्कूल चल रहे हैं। ये स्कूल आईसीएसई, उत्तर प्रदेश बोर्ड या सीबीएसई से संबद्ध हैं। विभाग की ओर से 14 स्कूलों को बंद करवाने की कवायद शुरू कर दी गई है।