नोएडा में प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों ने न्यूनतम सैलरी 20 हजार रुपये करने की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है. मंगलवार को भी उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहा. उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी का फैसला जरूर ले लिया, लेकिन कर्मचारी अभी भी संतुष्ट नहीं हैं. उनका साफ कहना है कि 11 हजार रुपये में गुजारा संभव नहीं है, न्यूनतम सैलरी 20 हजार से कम नहीं होनी चाहिए. प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों की पुलिसकर्मियों से झड़प भी हो गई, जिसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया.
#WATCH | Noida, Uttar Pradesh: Employees of a company stage a sit-in protest outside the company in Noida's Phase 2 area. The employees are protesting for various demands, including a salary increase. Police personnel are present at the spot to control the situation. pic.twitter.com/lfLW7mQppP
---विज्ञापन---— ANI (@ANI) April 14, 2026
नोएडा फेस-2 में कर्मचारियों का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे नारे लगा रहे हैं- “11 हजार में दम नहीं, 20 हजार से कम नहीं”. कर्मचारी कह रहे हैं कि बढ़ती महंगाई और परिवार की जरूरतों को देखते हुए इतनी कम सैलरी में जीवन-यापन करना मुश्किल हो गया है.
सरकार का फैसला और कर्मचारियों की नाराजगी
VIDEO | Noida Workers Protest: Gautam Buddha Nagar Police Commissioner Laxmi Singh says, “Yesterday in the district, more than 42,000 workers came out on the streets at 83 locations. Only at two places did the protests turn violent, where the police used minimal force to bring… pic.twitter.com/vYxrnSJBFr
---विज्ञापन---— Press Trust of India (@PTI_News) April 14, 2026
सोमवार को भारी विरोध और तोड़फोड़ के बाद योगी सरकार ने तुरंत न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी का आदेश जारी कर दिया. नए आदेश 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे. अलग-अलग श्रेणियों में अधिकतम करीब 3000 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है. सरकार ने इसे तात्कालिक फैसला बताया है और आगे वेज बोर्ड के माध्यम से व्यापक समीक्षा के बाद स्थाई समाधान की प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया है. फिर भी प्राइवेट कर्मचारी इस बढ़ोतरी से खुश नहीं हैं. उनका कहना है कि अन्य औद्योगिक इकाइयों में समान काम के लिए ज्यादा सैलरी दी जा रही है. श्रमिक संगठनों ने भी कर्मचारियों के समर्थन में आवाज उठाई है और उचित वेतन निर्धारण की मांग की है.
फैक्टरियों में काम बंद, उत्पादन ठप्र
प्रदर्शन के कारण कई फैक्टरियों में काम करने वाले मजदूर मंगलवार को भी नहीं पहुंचे. इससे उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है और आपूर्ति चेन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. फैक्ट्री प्रबंधन का कहना है कि अचानक इतनी बड़ी सैलरी बढ़ोतरी संभव नहीं है, क्योंकि इससे उत्पादन लागत बढ़ जाएगी. हालांकि प्रबंधन ने कर्मचारियों से बातचीत के लिए तैयार होने का संकेत दिया है, लेकिन किसी भी फैसले के लिए समय चाहिए. स्थानीय प्रशासन और श्रम विभाग ने दोनों पक्षों से बातचीत शुरू कर दी है, लेकिन विवाद अभी सुलझा नहीं है.
मामले में अब तक 350 लोग गिरफ्तार
सोमवार को हुए उग्र प्रदर्शन में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं. नोएडा सेक्टर-63 में फैक्टरियों के बाहर अभी भी जली हुई कारों और टूटे शीशों के निशान मौजूद हैं. पुलिस ने बताया कि करीब 400-500 की भीड़ दोपहर 1 बजे सीसीटीवी तोड़कर अंदर घुसी और तोड़फोड़ शुरू कर दी. इस मामले में अब तक 350 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. गिरफ्तार लोगों को जेल भेज दिया गया है. कई अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. बाकी आरोपियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जा रही है.










