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महावीर चक्र विजेता नाना, उपराष्ट्रपति चाचा, 'डॉन' का खानदान जितना गौरवशाली, हरकतें उतनी काली

Mukhtar Ansari: मुख्तार अंसारी के पिता सुब्हानउल्लाह अंसारी कम्यूनिस्ट नेता थे। साल 1971 में वह निर्विरोध नगर पालिका चुनाव में चुने गए थे। मुख्तार के नाना ब्रिगेडियर उस्मान को महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। उन्होंने 1947 में भारतीय सेना की तरफ से नवशेरा में जंग में हिस्सा लिया और शहीद हुए थे।

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mukhtar ansari

Mukhtar Ansari: मुख्तार अंसारी को जरूर लोग आज  माफिया और बाहुबली नेता के रूप में जानते हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश में उनके परिवार का गौरवशाली इतिहास रहा है। मुख्तार के दादा डॉ. मुख्तार अहमद अंसारी स्वतंत्रता सेनानी थे। वह साल 1926-27 में इंडियन नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष रहे थे। बताया जाता है कि वह महात्मा गांधी के भी बेहद करीबी थे।

https://twitter.com/Angryman_J/status/1773401623739666741

बेटा इंटरनेशनल खिलाड़ी 

गाजीपुर में उसके परिवार की राजनीति में अलग पहचान है। जानकारी के अनुसार मुख्तार अंसारी के पिता सुब्हानउल्लाह अंसारी कम्यूनिस्ट नेता थे। साल 1971 में वह निर्विरोध नगर पालिका चुनाव में चुने गए थे। मुख्तार अंसारी का बेटा अब्बास अंसारी शॉट गन शूटिंग का इंटरनेशनल खिलाड़ी है। इसके अलावा मुख्तार नाना ब्रिगेडियर उस्मान को महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। उन्होंने 1947 में भारतीय सेना की तरफ से नवशेरा में जंग में हिस्सा लिया था और शहीद हुए थे।

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पूर्वांचल में था रसूख 

बताया जाता है कि पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी भी उनके रिश्ते में चाचा लगते हैं। हालांकि कभी दोनों की तरफ से इस बारे में कोई बयान नहीं आया। मुख्तार अंसारी का खुद पूर्वांचल में अपना रसूख था, यही वजह है कि वह पिछले 24 साल से किसी न किसी राजनीतिक पार्टी से लगातार यूपी की विधानसभा में पहुंचते थे। जहां कुछ लोग उन्हें माफिया कहते हैं तो लोगों के लिए वह रॉबिन हुड थे, जो अमीरों से लूटकर गरीबों की मदद करता था।

जेल में रहकर भी जीतते रहे चुनाव

जानकारी के अनुसार साल 1996 में मुख्तार अंसारी ने पहली बार बसपा की टिकट से मऊ विधानसभा से चुनाव लड़ा था और वह जीते थे। इसके अलावा वह साल 2002, 2007, 2012 और फिर 2017 में भी मऊ विधानसभा से लगातार चुनाव जीते। उन्होंने तीन चुनाव जेल के अंदर रहकर लड़े और जीते थे।

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ये भी पढ़ें: जेल में बंद मुख्तार अंसारी की मौत, मऊ-बांदा और गाजीपुर में धारा 144 लागू

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लेखक के बारे में

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.
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