Arif Khan
आरिफ खान मंसूरी को डिजिटल मीडिया में करीब 15 वर्षों का अनुभव है . वर्तमान में न्यूज24 की डिजिटल विंग में कार्यरत हैं. इससे पहले देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं.
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लखनऊ की विशेष एनआईए कोर्ट ने अवैध धर्मांतरण के एक बेहद संवेदनशील मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए डिस्चार्ज एप्लीकेशन खारिज कर दी है. विशेष न्यायाधीश नीतू पाठक कोर्ट नंबर-3 ने 6 घंटे की लंबी बहस के बाद जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उसके सहयोगियों पर देशद्रोह, ‘लव जिहाद’, धोखाधड़ी और सामूहिक दुष्कर्म जैसी बेहद गंभीर धाराओं में आरोप तय कर दिए हैं.
आरोपियों ने देश की जनसांख्यिकी बदलने, लोकतांत्रिक सरकार को हटाने और शरिया कानून लागू कर ‘इस्लामिक राष्ट्र’ बनाने के लिए भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध छेड़ने (IPC की धारा 121A) का षड्यंत्र रचा.
हिंदू धर्म की बुराइयां बताकर और देवी-देवताओं का अपमान करके, लोगों को इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित करने और समुदायों के बीच नफरत फैलाने (IPC की धारा 153A) का आरोप है.
गैर-मुस्लिम महिलाओं (जैसे- माण्डवी शर्मा, गुंजा गुप्ता) को छद्म हिंदू नाम रखकर प्रेम जाल में फंसाने और धोखाधड़ी से उनका धर्मांतरण करवाने का आरोप तय हुआ है.
संपत्ति की धोखाधड़ी (IPC 420): जमालुद्दीन (उर्फ नवीन रोहरा) और नसरीन (उर्फ नीतू रोहरा) ने मुस्लिम धर्म अपनाने के बावजूद अपने दस्तावेजों में नाम नहीं बदला और हिंदू नामों का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी से जमीनें खरीदीं.
मामले में अनुसूचित जाति की एक महिला के साथ आरोपी नवीन रोहरा और महबूब द्वारा सामूहिक बलात्कार करने (IPC की धारा 376D) और SC/ST एक्ट की धाराओं के तहत भी आरोप तय किए गए हैं.
UP ATS ने इस सिंडिकेट के मास्टरमाइंड जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उसके सहयोगियों को यूपी एटीएस (UP ATS) ने बलरामपुर से गिरफ्तार किया था.
100 करोड़ से अधिक की विदेशी फंडिंग – जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ था कि इस धर्मांतरण गैंग को खाड़ी देशों (गल्फ कंट्रीज) से 100 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम विदेशी फंडिंग मिली थी.
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