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लखनऊ में दोस्तों ने की साथी की हत्या, 101 रुपए को लेकर हुआ था विवाद, पुलिस ने किया खुलासा

Lucknow News: लखनऊ में दोस्ती को शर्मशार करने वाली हत्या की घटना का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. इस मामले में पुलिस टीम का दावा है कि रिकवरी कंपनी में काम करने वाले तीन दोस्तों ने अपने सीनियर शशि प्रकाश उपाध्याय की हत्या कर दी. पढ़िए लखनऊ से मनोज पाण्डेय की रिपोर्ट.

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Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दोस्ती को शर्मशार करने वाली हत्या की घटना का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. इस मामले में पुलिस टीम का दावा है कि रिकवरी कंपनी में काम करने वाले तीन दोस्तों ने अपने सीनियर शशि प्रकाश उपाध्याय की हत्या कर दी. हैरान कर देने वाली बात ये है कि पूरा विवाद मेहज 101 रुपए के लेनदेन को लेकर हुआ. पुलिस ने इस हत्याकांड का 72 घंटे में खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैं. इस मामले में एक आरोपी अभी फरार है. पुलिस टीम फरार आरोपी की धर पकड़ के लिए कई जगह पर दबिश दी. लेकिन फरार आरोपी हाथ नहीं लगा.

रिकवरी कंपनी में काम करते थे शशि प्रकाश उपाध्याय

डीसीपी ईस्ट शशांक सिंह ने इस हत्याकांड का किया है. मामला लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र का हैं, यहां के रहने वाले शशि प्रकाश उपाध्याय रिकवरी कंपनी में सीनियर पद पर तैनात थे. उनके साथ अखिलेश, प्रिंस और अंगद पार्ट टाइम जॉब करते थे. कंपनी में शशि की सीनियरिटी से सभी आरोपी अच्छे से वाकिफ नहीं थे, लेकिन तीनो दोस्तों ने मिलकर उसी सीनियर को मौत घाट उतार दिया और वजह बनी सिर्फ 101 रुपए. पुलिस जांच के दौरान पता चला कि शशि ने अखिलेश को 800 रुपए उधार दिए थे. अखिलेश ने जूते खरीदे और 699 रुपए एडजस्ट कर लिये. बचे हुये 101 रुपए को शशि ने जब मांगे तो फोन पर कहासुनी शुरू हो गई. विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने शशि को फोन करके बुलाया और फिर डंडे, लात, घुसो हमला कर दिया. हमले के दौरान पास पड़ी कांच की बोतल शशि के सिर में दे मारी. जिससे शशि लहूलुहान हालत में गिर पड़े और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

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दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. पुलिस की कई टीमों ने टेक्निकल, सर्विलांस के जरिए लोकेशन ट्रेस की और कामता बस अड्डे के पास से अखिलेश कुमार और प्रिंस उर्फ अरुण यादव को गिरफ्तार कर लिया गया. घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई हैं. वही तीसरा हत्यारोपी अंगद अभी फरार है,पुलिस दबिश दे रही है. डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के ने बताया की हत्या 101 रुपए को लेकर की गई. तीनों आरोपी मृतक के दोस्त थे और साथ काम करते थे. फरार आरोपी की तलाश की जा रही है. पुलिस टीम दबिश दे रही है तीसरे फरार आरोपी कि जल्द गिरफ्तारी कर लिया जाएगा. पकड़े गए आरोपियों के पिछले आपराधिक इतिहास खंगाले जा रहे हैं.

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First published on: Nov 23, 2025 06:35 PM

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