कैसे हुआ लखनऊ अग्निकांड? दीवार तोड़कर निकाले गए लोग, डिप्टी सीएम ने कही ये बात
लखनऊ के अलीगंज इलाके में तीन मंजिला इमारत में लगी भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली. मृतकों में ज्यादातर छात्र बताए जा रहे हैं. शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है. फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने दीवार तोड़कर लोगों को बाहर निकाला और देर शाम तक राहत-बचाव अभियान जारी रहा.
Written By: Varsha Sikri|Updated: Jun 22, 2026 20:13
Edited By : Varsha Sikri|Updated: Jun 22, 2026 20:13
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Credit: News24
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया. तीन मंजिला इमारत में लगी आग में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए. मृतकों में ज्यादातर छात्र बताए जा रहे हैं, जो इमारत की लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर में मौजूद थे. जानकारी के मुताबिक, आग लगने के बाद पूरी बिल्डिंग में धुआं तेजी से फैल गया, जिससे अंदर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. कई छात्र दूसरे फ्लोर पर मौजूद ‘लर्निंग स्पेस’ लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर में फंस गए. कुछ छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया, जबकि एक छात्र ने जान बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग लगा दी और वो नीचे लगी ग्रिल पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया.
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं. घने धुएं और तेज लपटों के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. बचाव दल ने इमारत के पीछे की दीवार को दो जगह से तोड़कर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने का रास्ता बनाया. इसी रास्ते से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और पहले फ्लोर पर पेट शॉप और क्लीनिक थे, जबकि दूसरे फ्लोर पर लाइब्रेरी और एनिमेशन से जुड़ा संस्थान चल रहा था. आग लगने के बाद कुछ लोग समय रहते बाहर निकल गए, लेकिन कई लोग अंदर ही फंस गए थे. देर शाम तक राहत और बचाव अभियान जारी रहा. लचश्मदीदों के मुताबिक आग की शुरुआत बिजली के खंभे में हुए शॉर्ट सर्किट से हुई. इसके बाद आग तेजी से ऊपर की ओर फैल गई और पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया. हालांकि आग लगने के असली कारणों की जांच अभी जारी है और प्रशासन ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं.
हादसे की जगह पहुंचे डिप्टी सीएम
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि अस्पतालों में डॉक्टरों और एंबुलेंस की व्यवस्था कर दी गई है, घायलों को हर मुमकिन इलाज मुहैया करवाया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए अपना कार्यक्रम रद्द कर लखनऊ लौटने का फैसला किया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) का दौरा किया और आग लगने की घटना में घायल हुए लोगों से मुलाकात की. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अलीगंज कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना में मारे गए लोगों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख के मुआवजे का ऐलान किया है, वहीं घायलों को 50-50 हज़ार की मदद मुहैया करवाई जा रही है.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया. तीन मंजिला इमारत में लगी आग में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए. मृतकों में ज्यादातर छात्र बताए जा रहे हैं, जो इमारत की लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर में मौजूद थे. जानकारी के मुताबिक, आग लगने के बाद पूरी बिल्डिंग में धुआं तेजी से फैल गया, जिससे अंदर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. कई छात्र दूसरे फ्लोर पर मौजूद ‘लर्निंग स्पेस’ लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर में फंस गए. कुछ छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया, जबकि एक छात्र ने जान बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग लगा दी और वो नीचे लगी ग्रिल पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया.
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं. घने धुएं और तेज लपटों के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. बचाव दल ने इमारत के पीछे की दीवार को दो जगह से तोड़कर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने का रास्ता बनाया. इसी रास्ते से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और पहले फ्लोर पर पेट शॉप और क्लीनिक थे, जबकि दूसरे फ्लोर पर लाइब्रेरी और एनिमेशन से जुड़ा संस्थान चल रहा था. आग लगने के बाद कुछ लोग समय रहते बाहर निकल गए, लेकिन कई लोग अंदर ही फंस गए थे. देर शाम तक राहत और बचाव अभियान जारी रहा. लचश्मदीदों के मुताबिक आग की शुरुआत बिजली के खंभे में हुए शॉर्ट सर्किट से हुई. इसके बाद आग तेजी से ऊपर की ओर फैल गई और पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया. हालांकि आग लगने के असली कारणों की जांच अभी जारी है और प्रशासन ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं.
हादसे की जगह पहुंचे डिप्टी सीएम
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि अस्पतालों में डॉक्टरों और एंबुलेंस की व्यवस्था कर दी गई है, घायलों को हर मुमकिन इलाज मुहैया करवाया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए अपना कार्यक्रम रद्द कर लखनऊ लौटने का फैसला किया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) का दौरा किया और आग लगने की घटना में घायल हुए लोगों से मुलाकात की. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अलीगंज कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना में मारे गए लोगों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख के मुआवजे का ऐलान किया है, वहीं घायलों को 50-50 हज़ार की मदद मुहैया करवाई जा रही है.