Hemendra Tripathi
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Heart Attack cases increase during festival: दीपावली के त्योहार के साथ-साथ देश में अन्य त्योहारों का दौर भी शुरू हो गया है। इन त्योहारों के बीच अस्पतालों में हार्ट अटैक के मामले भी बढ़ते हुए नजर आते हैं। बताया जाता है कि इन मामलों में कभी प्रदूषण को कारण के तौर पर देखा जाता है तो कभी कोई और कारण निकल कर सामने आता है और इन्हीं घटनाओं के चलते अस्पतालों के इमरजेंसी वार्ड दिल के दौरे के मरीजों से फुल हो जाते हैं। इसे लेकर सामने आया है कि ये हार्ट अटैक की घटनाएं हर उम्र के लोगों के साथ होते हुए देखी जाती हैं।
त्योहारों के समय लोगों को दिल का दौरा पड़ने को लेकर अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर अजय बहादुर ने पहले इस मसले पर मौजूदा हालातों का जिक्र करते हुए दिल का दौरा पड़ने के पीछे की वजह और उसके बचाव के तरीके बताए। उन्होंने बताया कि यह सच्चाई है कि त्योहारों के समय में दिल के दौरे सबसे ज्यादा पड़ते हैं और इस दौरान इसके मरीज भी सबसे ज्यादा अस्पतालों में भर्ती होते हैं। उन्होंने आगे कहा कि त्योहारों में उनके पास भी सामान्य ओपीडी में दिल की बीमारियां लेकर आने वाले मरीजों की संख्या कम है बल्कि दिल का दौरा पड़ने वाले मरीजों की संख्या कम होती है।
डॉक्टर बहादुर ने इन त्योहारों के मौके पर होने वाले हार्ट अटैक के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि त्योहारों में दिल का दौरा पड़ने के अब तक के मामलों को देखते हुए जो कारण सामने आया है कि त्योहारों में लोग नींद कम लेते हैं। इसके साथ ही त्योहारों पर पूरा परिवार एक साथ होने के चलते पूरा परिवार अधिक उत्साहित होता है। उन्होंने इसके पीछे मुख्य वजह बताते हुए कहा कि त्योहारों में लोगों का खाना-पीना बढ़ जाता है, इस दौरान लोग हर तरह का पकवान खाते हैं।
वे बताते हैं कि त्योहारों की तैयारियों में जुटे लोग काम काज को लेकर बहुत ज्यादा तनाव में रहते हैं और साथ ही व्यायाम या यूं कहें कि एक्सरसाइज भी इस बीच बंद कर देते हैं, जिस वजह से उनके दिल पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। इन सभी कारणों की वजह से हार्ट अटैक के मामले बढ़ते हुए देखे जाते हैं।
हार्ट अटैक के होने के कारण बताते हुए डॉक्टर ने बताया कि त्योहारों में लोगों को कुछ बातों का ध्यान रखते हुए अपने दिल को एकदम फिट रखना चाहिए, जिससे दिल का दौरा पड़ने की संभावना बहुत कम हो जाती है। उन्होंने बताया कि त्योहारों के दौरान नींद से समझौता नहीं करना चाहिए, जिसके चलते कम से कम 6 से 8 घंटे की पूरी नींद लेनी चाहिए। त्योहारों के अलावा भी सभी को अपने सोने और उठने का एक नियम बनाना चाहिए और रोज उसका पालन भी करना चाहिए।
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इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सुबह उठने के बाद सबसे पहले खाली पेट व्यायाम करने की तरफ ध्यान नहीं देना चाहिए। सुबह उठने के बाद सबसे पहले हल्का सा कुछ खाकर उसके बाद व्याायाम शुरू करें। इस दौरान सांसों से जुड़े हुए व्यायाम जरूर करने चाहिए।
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