Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट बीआईसी के नाम से मशहूर रेसिंग ट्रैक को फिर से रफ्तार मिल सकती है. प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक और लोक लेखा समिति के सदस्य डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है. उसमें कहा गया है कि ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट को सक्रिय करने से युवाओं को मंच मिलेगा.
फोर्स का हो सकता है गठन
डॉ. सिंह ने यमुना प्राधिकरण (यीडा) के अंतर्गत रेसिंग रिवाइवल टास्क फोर्स के गठन का सुझाव देते हुए इसमें जेपी ग्रुप, फेडरेशन ऑफ मोटर स्पोर्ट्स क्लब्स ऑफ इंडिया, निजी निवेशकों को शामिल करने तथा पीपीपी मॉडल के तहत इस परियोजना को पुनर्जीवित करने की संभावनाएं तलाशने का आग्रह किया है. उन्होंने यीडा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने का भी अनुरोध किया है.
एफ1 सर्किट से यूपी की अंतरराष्ट्रीय पहचान
बता दें कि 3,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह सर्किट 2011 से 2013 तक फॉर्मूला वन ग्रांड प्री की मेजबानी कर चुका है. उस दौरान भारत ने रेसिंग खेलों की वैश्विक लीग में कदम रखा था और यह सर्किट देश की शान बन गया था. लेकिन प्रशासनिक अड़चनों के चलते यह आयोजन बंद हो गया. फिलहाल यह भूमि यमुना प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में है और जेपी समूह के विशेष आर्थिक क्षेत्र का आवंटन रद्द किए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है.
संभावनाओं को मिलेगी नई रफ्तार
डॉ. राजेश्वर सिंह का मानना है कि फॉर्मूला वन और मोटो जीपी जैसे विश्वस्तरीय मोटरस्पोर्ट्स के आयोजन से उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय खेल स्थल के रूप में उभरेगा. पर्यटन, मनोरंजन और निवेश के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू सकेगा. उन्होंने कहा दुनिया भर में फॉर्मूला वन के 820 मिलियन से अधिक प्रशंसक हैं. ऐसे आयोजन से उत्तर प्रदेश को अबूधाबी, सिंगापुर और अमेरिका जैसे देशों की प्रतिष्ठा मिल सकती है.
ये भी पढ़ें: ग्रेटर आगरा बनेगा रियल एस्टेट का नया हॉटस्पॉट, लॉन्च हुई नई आवासीय योजना
Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट बीआईसी के नाम से मशहूर रेसिंग ट्रैक को फिर से रफ्तार मिल सकती है. प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक और लोक लेखा समिति के सदस्य डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है. उसमें कहा गया है कि ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट को सक्रिय करने से युवाओं को मंच मिलेगा.
फोर्स का हो सकता है गठन
डॉ. सिंह ने यमुना प्राधिकरण (यीडा) के अंतर्गत रेसिंग रिवाइवल टास्क फोर्स के गठन का सुझाव देते हुए इसमें जेपी ग्रुप, फेडरेशन ऑफ मोटर स्पोर्ट्स क्लब्स ऑफ इंडिया, निजी निवेशकों को शामिल करने तथा पीपीपी मॉडल के तहत इस परियोजना को पुनर्जीवित करने की संभावनाएं तलाशने का आग्रह किया है. उन्होंने यीडा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने का भी अनुरोध किया है.
एफ1 सर्किट से यूपी की अंतरराष्ट्रीय पहचान
बता दें कि 3,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह सर्किट 2011 से 2013 तक फॉर्मूला वन ग्रांड प्री की मेजबानी कर चुका है. उस दौरान भारत ने रेसिंग खेलों की वैश्विक लीग में कदम रखा था और यह सर्किट देश की शान बन गया था. लेकिन प्रशासनिक अड़चनों के चलते यह आयोजन बंद हो गया. फिलहाल यह भूमि यमुना प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में है और जेपी समूह के विशेष आर्थिक क्षेत्र का आवंटन रद्द किए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है.
संभावनाओं को मिलेगी नई रफ्तार
डॉ. राजेश्वर सिंह का मानना है कि फॉर्मूला वन और मोटो जीपी जैसे विश्वस्तरीय मोटरस्पोर्ट्स के आयोजन से उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय खेल स्थल के रूप में उभरेगा. पर्यटन, मनोरंजन और निवेश के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू सकेगा. उन्होंने कहा दुनिया भर में फॉर्मूला वन के 820 मिलियन से अधिक प्रशंसक हैं. ऐसे आयोजन से उत्तर प्रदेश को अबूधाबी, सिंगापुर और अमेरिका जैसे देशों की प्रतिष्ठा मिल सकती है.
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